
बिलासपुर, गतौरा में ट्रेन हादसे में रेलवे का अमानवीय पहलू भी दिखा शव को ढकने के लिए चादर तक नहीं मिला पर्याप्त सुविधा नहीं होने के कारण अधिकारी अपनी कार के सीट के टॉवेल से शव को ढके, जब रेल्वे पर्याप्त सुविधा का दावा कर रही है तो मृत व्याक्ति के लिए एक नया या साफ सुथरा टॉवेल मृत व्यक्ति के लिए रेल्वे व्यवस्था नहीं कर पाई जबकि अधिकारी दावा कर रहे है कि सब कुछ राहत का काम जल्द और पूरी तरह से किया गया , अच्छी व्यवस्था के साथ किया गई, मीडिया रिपोर्टए के मुताबिक सीनियर डीसीएम समेत कई अधिकारयों ने अपनी कार की सीट के टॉवेल को मृत शव को ढकने के लिए दिया , रेल्वे का भारी भरकम स्टाफ और कमाई वाले जोन के अधिकारयों ने इस बात पर ध्यान नहीं दिया कि शव को लपेटने के लिए साफ सुथरी चादरों की आवश्यकता पड़ेगी , रात भर में शव को निकालने में मेहनत की अच्छा का किया लेकिन मृत शव के लिए साफ सुथरी चादर की व्यवस्था नहीं हो पाई , जिसके कारण अधिकारियों को अपनी कार में बैठने वाली सीट का टॉवेल देना पड़ा, घटना लापरवाही की ही है ट्रेन की स्पीड और स्थिति पर नजर रखने वाले क्या कर रहे थे।
