ट्रेन हादसे में मृत यात्री के परिजनों को मिले पचास लाख, सुदीप श्रीवास्तव।

दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे में कोयला ढलाई के रिकॉर्ड बनाने के अलावा यात्री सुरक्षा और यात्री सुविधाओं पर ध्यान देना जरूरी

सर्वाधिक आय देने वाले जोन में नागरिकों की जान की कोई कीमत नहीं , रेलवे ऑपरेटिंग विभाग के अधिकारियों पर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज हो

रेलवे का 10 लाख रुपए मुआवजा बहुत पुरानी दर पर इसे बढ़ाकर कम से कम 50 लख रुपए किया जाए

बिलासपुर 5 नवंबर छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने गतौरा और बिलासपुर के मध्य हुई रेल दुर्घटना पर दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों और रेलवे बोर्ड को आड़े हाथों लिया है। समिति ने कहा की रेलवे बोर्ड से ही यह निर्देश दिए गए हैं की माल ढुलाई को विशेष कर कोयला लदान के नए-नए कीर्तिमान बनाना है चाहे इसके लिए यात्री सुरक्षा और सरक्षा दांव पर लग जाए।

छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने कहा कि क्षमता से अधिक माल गाड़ियों को चलाने के कारण सेक्शन जल्दी क्लीयर नहीं होते और उसी में यात्री गाड़ियां चलती रहती हैं जिसमें जरा सी तकनीकी या मानवीय त्रुटि एक भयानक घटना को जन्म देती है जैसा कि कल गतौर और बिलासपुर के बीच हुआ।

कोयला लदान के रिकॉर्ड बनाने के लालच में बिलासपुर डिवीजन की रेल पटरिया डेढ़ सौ प्रतिशत की क्षमता पर दोहित की जा रहे हैं। इतनी अधिक मालगाड़ियां चलने के कारण कभी भी ऐसा हादसा हो सकता है यह बात रेलवे के अधिकारी अच्छे से जानते हैं।

पिछले 10 सालों से रेलवे के अधिकारी कवच टेक्नोलॉजी विकसित करने की बात कर रहे हैं इनमें जो थोड़े बहुत कवच विकसित हुए भी हैं उनका उपयोग रेलवे बोर्ड के द्वारा अन्यत्र किया जा रहा है। यह भी इसलिए है कि कवच टेक्नोलॉजी दो रेल गाड़ियों के बीच में एक निश्चित दूरी और उनके चलने में एक निर्धारित समय को पाबंदी के साथ पालन करने के लिए बाध्य करती है। जबकि दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे का ऑपरेटिंग विभाग सारे खतरे उतार कर एक के पीछे एक गाड़ियां चलाता है।

छात्र युवा नागरिक रेलवे जोन संघर्ष समिति ने कल की घटना के लिए रेलवे के ऑपरेटिंग विभाग के अधिकारियों के ऊपर गैर इरादतन हत्या का मामला दर्ज करने की मांग की है। साथ ही साथ रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और रेलवे बोर्ड से यह मांग की है कि कोयला परिवहन के नए-नए रिकॉर्ड बनाने के बजाय यात्री सुरक्षा पर पहले ध्यान दें। समिति ने रेलवे दुर्घटना में करने वाले व्यक्ति को 10 लख रुपए मुआवजा पर टिप्पणी करते हुए कहा कि यह बहुत पहले की दर से दिया जा रहा है इसमें संशोधन करके तत्काल कम से कम 50 लख रुपए प्रति मृत व्यक्ति और 10 लाख रुपये गंभीर घायल व्यक्ति को दिए जाने का संशोधन होना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended
*छत्तीसगढ़ के रेल्वे ट्रेक में ‘‘सुरक्षा कवच’’ सिग्नल क्यों नहीं…
Cresta Posts Box by CP