
बिलासपुर, होटल व्यवसायी अनिल खंडेलवाल के पिता दशरथ लाल खंडेलवाल,की चाकू मारकर हत्या कर मा विमला देवी खंडेलवाल को लुटेरों ने घायल कर दिया था , लुटेरों ने रात डेढ़ बजे डोर बेल बजाई विमला देवी ने दरवाजा खोला तो आरोपी जबरन घर में घुस गए और चाकू की नोक पर पैसे की मांग की , दशरथ लाल के विरोध करने पर पर आरोपियों ने चाकू से वार कर दिया बीच बचाव में विमला देवी भी घायल हो गई , निचली अदालत ने मामले के आरोपियों को बरी कर दिया था , हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बी डी गुरु की बेंच ने निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए आरोपियों को आजीवन करावास की सजा सुनाई है, कोर्ट कहा कि घायल चश्मदीद के बयान पर संदेह नहीं किय जा सकता,मामले में मृतक के बेटे और सरकार ने निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील की थी। अभियोजन पक्ष ने 22गवाहों से पूछताछ की थी 70दस्तावेज कोर्ट में पपेश किए थे 2016में ट्रायल कोर्ट ने आरोपियों को संदेश का लाभ देते हुए बारी कर दिया था जिसके खिलाफ पीड़ित बने हाइकोर्ट में अपील नकी थी।
