
बिलासपुर, राज्य गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष ने कहा है कि सरकार गौ सेवा को दर्जा दे या न दे विशेष अंतर नहीं पड़ने वाला है , महाराष्ट्र में दिए है लेकिन खास फर्क नहीं पड़ा है हमलोगों को जो गौ माता की जय बोलते हैं दर्जा देना चाहिए, सरकार इसके लिए काम कर रही है , गोधाम के बनाए जा रहे हैं प्रक्रिया शुरू हो गई है आवेदन लिए जा रहे है , जबतक किसान गौ को नहीं अपनाएगा दोनों का उद्धार नहीं होगा, एक गोधाम में दो सौ घुमंतु गया रखने की व्यवस्था होगी, चारे के लिए चरवाहे के लिए राशि दी जाएगी जरूरत पड़ने पर। प्रति गाय दस रुपए अलग से दिए जाएंगे , किसान को या गांव स्तर पर दिया जाएगा गौ मूत्र और गोबर के उत्पाद बनेंगे उसको बेचने सरकार मार्केट उपलब्ध कराएगी।
गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष बिसेसर पटेल पशु अधिकारी से बोले सरकार की गोधाम योजना का लाभ कितने लोगों को मिला अधिकारी ने जवाब दिया 6,7 आवेदन आने की बात कही तो आयोग के अध्यक्ष भड़क गए बोले योजना का प्रचार क्यों नहीं करते ताकि ज्यादा किसानों को फायदा मिले ,ऐसी लापरवाही के कारण ही सरकार की योजना का लाभ गांव तक नहीं पहुंच पाता, अध्यक्ष के तेवर से अधिकारी गोलमोल जवाब देते रहे।,जिला पशु कल्याणए खरीदी और ऑडिट नहीं होने के सवाल पर आयोग के अध्यक्ष ने कहा कि शिकायत के बाद इसकी जांच करवा लेंगे। छत्तीसगढ़ भवन पहुंचे आयोग के अध्यक्ष ने पत्रकारों से चर्चा में ये बात कही।
सरकार की गोधाम योजना अच्छी है लेकिन इसके क्रियान्वयन में अधिकारी खास रुचि नहीं ले रहे है, ऐसे मोटी तनख्वाह पर अधिकारी रखने का सरकार को क्या फायदा । ऐसे अधिकारी न किसान के लिए काम कर रहे न सरकार के लिए।
