युक्तियुक्तकरण के खिलाफ कांग्रेस ने किया प्रदर्शन।।

बिलासपुर ,ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण ने  शिक्षा विभाग में युक्तियुक्तकरण के नाम पर स्कूल को बंद करने ,शिक्षक पदों को समाप्त करने के विरोध बिल्हा बीईओ कार्यालय पुराना हाई कोर्ट के सामने धरना-प्रदर्शन किया ,लगभग 11 .00 बजे से ही बिल्हा और बेलतरा विधानसभा के कार्यकर्ताओ का आना प्रारम्भ हो गया था ,

 धरना-प्रदर्शन और घेराव की घोषणा के बाद पुलिस चौकन्नी हो गई थी ,सुबह से पुलिस बल बड़ी संख्या में तैनात थी , सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र में होने से डीएसपी,सीएसपी ,टीआई, हवलदार,सिपाही डंटे हुए थे और विश्वविद्यालय के मुख्य गेट में तालाबंदी कर दिया गया था, जबकि कांग्रेस का प्रदर्शन शांतिपूर्ण था, बीईओ को ज्ञापन सौंपना और अपनी बातों को उच्च अधिकारियों तक पहुंचाना था, कि सरकार का यह निर्णय न छात्रहित में और न ही छत्तीसगढ़ के हित में है ,

कांग्रेसजन दोपहर 12.00 बजे से लगभग दो बजे तक प्रदर्शन करते रहे ,तालाबंदी को लेकर पुलिस अधिकारी और ग्रामीण अध्यक्ष विजय केशरवानी के बीच तकरार की स्थिति बनती रही , ग्रामीण अध्यक्ष ने मांग की कि हमारा प्रदर्शन शांति पूर्ण है और हम कांग्रेसजनों के साथ बीईओ को राज्यपाल के नाम ज्ञापन देने आए फिर ये तालाबंदी क्यों ? इस पर पुलिस अधिकारी स्पष्ट जवाब न देकर गोलमोल बाते करते रहे , फिर अपने उच्च अधिकारियों से चर्चा करने के बाद ,मुख्य द्वार से ताला खोला गया , कांग्रेसजन हनुमान मंदिर के सामने बैठकर मुख्यमंत्री,शिक्षा मंत्री ,छत्तीसगढ़ सरकार की शिक्षा नीति के विरोध नारे लगाते रहे ,चूंकि घेराव लम्बे समय तक चलता रहा और उस परिसर में विश्वविद्यालय भी है ,इसलिए आने जाने वालों को कांग्रेस जन रास्ता देते रहे ताकि किसी भी व्यक्ति को हमारे कारण परेशानी न हो ,

  बिल्हा बीईओ ने आकर राज्यपाल के नाम से ज्ञापन लिया कांग्रेस ने मांग की कि युक्तियुक्तकरण में जो विसंगतियां है तुरन्त हल लिया जाए ।

ज़िला कांग्रेस कमेटी ग्रामीण के अध्यक्ष विजय केशरवानी ने कहा कि शिक्षा कोअनुच्छेद 21A के तहत मौलिक अधिकार में शामिल किया गया है, जिसमे 6 से 14 वर्ष के बच्चों को निःशुल्क शिक्षा अनिवार्य है ,मनमोहन सिंह जी की सरकार ने गरीब बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता शिक्षा देने के लिए 2010 में आरटीई लागू किया ,जो सभी स्कूलों में अनिवार्य रुप से लागू किया गया पर वर्तमान छत्तीसगढ़ की भाजपा सरकार सभी नियम -कानूनों को ताक में रख कर युक्तियुक्तकरण के नाम पर लगभग 10463 स्कूलों को बंद कर रही है और 45000 शिक्षक के पदों को समाप्त करने जा रही है, जो छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, 

 केशरवानी ने कहा कि शिक्षा हमे संस्कार वान बनाती है, शिक्षा हमे वैश्विक व्यवस्था से जोड़ती है ,अच्छी शिक्षा से परिवार,समाज ,प्रदेश और उस देश का नाम रोशन होता है,स्वस्थ समाज का निर्माण होता है ,सामाजिक कुरूतियों में नियंत्रण होता है,अपराध में कमी होती है, पढ़े लिखे लोग नशे से दूर होते है ,पर साय सरकार तो शिक्षा की मंदिर को बंद कर – 67 मधुशाला ( शराब दुकान) खोलने पर विश्वास करती है ताकि छत्तीसगढ़ की गरीब जनता नशा में चूर हो ,बच्चे अशिक्षित हो और राज्य सरकार शराब के पैसे से अपनी तिजोरी भर्ती रहे ,

विजय केशरवानी ने कहा कि ये बड़ी विडंबना है,जो पार्टी रामराज्य की बात करती है सारे आम दारू बेचने की नीति बनाती है ,

विजय केशरवानी ने कहा कि कोई भी स्कूल खोला गया तो एक आकलन के बाद खोला गया ,आज किसी स्कूल में दर्ज संख्या कम है ,शिक्षक नही है तो उसके लिए जिम्मेदार डॉ रमन सिंह के 15 वर्ष के कार्यकाल है क्योंकि इन्होंने शिक्षा की दर्ज संख्या और ,गुणवत्ता को नजर अंदाज किया , भाजपा ,आरएसएस से जुड़े शिक्षक एक ही स्थान में आ गये ,जिससे बहुत से स्कूल शिक्षक विहीन हो गए ,बच्चे स्कूल जाना बंद कर दिए , डॉ रमन सिंह ने अपने कार्यकाल में 3000 स्कूलों को बंद कर दिया,।

 केशरवानी ने कहा क कांग्रेस सरकार ने शिक्षा की स्तर को ऊपर उठाने के लिए आत्मानंद हिंदी और अंग्रेजी माध्यम से स्कूल और कॉलेज खोला और उनको ज़िला कलेक्टर के अधीन रखा गया ताकि कोई कमी हो तो उसे तुरंत हल किया सके ,पर भाजपा ने तो आत्मानंद के कांसेप्ट को ही बदल डाला और कलेक्टर की जगह डीईओ को अधिकार दे दिया गया ,भाजपा नही चाहती कि छत्तीसगढ़ के बच्चों की अच्छी शिक्षा हो ,ऊंचे पदों पर जाए ,वह केवल उन्हें अपना वोट बैंक बनाकर रखना चाहती है जो तभी सम्भव है जब लोग शिक्षा से दूर हो।

शहर अध्यक्ष विजय पांडेय ने कहा कि स्कूल बंद करने के पीछे भाजपा का शिक्षा के क्षेत्र में व्यवसायीकरण को बढ़ाना है, सरकारी स्कूल कम होंगे तो माता-पिता निजी स्कूलों की ओर जाएंगे, सरकार ने बड़ी चालाकी के साथ प्राथमिक स्कूल में 26 छात्रों पर एक शिक्षक की 30 छात्र और मिडिल स्कूलों में 30 छात्र की जगह 35 छात्र कर के लभगभ एक-तिहाई पद को समाप्त कर रही है, विजय पांडेय ने कहा कि पहले तीन प्राथमिकताएं थी रोटी ,कपड़ा और मकान समय के साथ तीन और जुड़ गए शुद्ध पानी,बिजली और शिक्षा किन्तु साय सरकार इनमे से कुछ भी देने में समर्थ नही है ,मकान थोड़े जा रहे है, जनता 5 किलो चावल में आश्रित है ,पानी-बिजली का ठिकाना नही और शिक्षा को बंद किया जा रहा है, जबकि सरकार को इन्हें प्राथमिकता रख कर काम करने की जरूरत है।

 घेराव में उपस्थित थे–

जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष विजय केशरवानी, शहर अध्यक्ष विजय पाण्डेय, कांग्रेस नेता राजेन्द्र साहू डब्बू, राजेंद्र शुक्ल , भूनेश्वर यादव गीतांजलि कौशिक, लक्ष्मीनाथ साहू, विनोद साहू, झगरराम सूर्यवंशी, ऋषि पाण्डेय, जगदीश कौशिक, संध्या तिवारी सुनील सोनकर, मोहन श्रीवास, संदीप यादव, रुप नारायण बच्छ, रामप्रकाश साहू, विमल अग्रवाल बृजेश शर्मा, पवन साहू, अमित यादव ,गौरी शंकर यादव सत्यनारायण सर्वे, महेश ठाकुर, राजेश साहू, जितेन्द्र कौशिक, सुरेन्द्र तिवारी, हितेश देवांगन किशोर अहिरवार, मनीष गढ़ेवाल,साखन दर्वे, नीरज सोनी, सुख सागर कुर्रे, बबली ख़ान , सुजीत यादव , गौरव ऐरी, लक्ष्मीकांत निर्मलकर, सुनील साहू, योगेश कौशिक, प्रदीप सन्नाड, तुमेश यादव, विजय सिहोरे, अक्षय नवरंग, अशोक सूर्यवंशी, शिशिर कश्यप, किशन पटेल संदीप यादव नागेश ध्रुव, सचिन भवानी, दिनेश यादव, रमाकांत साहू बाबा खान , राज कोसले सहित बड़ी संख्या में कांग्रेसजन उपस्थित रहे।

 

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Recommended
बिलासपुर, 12 जून 2025/जिले के प्रवास पर पहुंचे अपर मुख्य…
Cresta Posts Box by CP