बिलासपुर,डॉक्टर बनाम डाकू” एलीट हॉस्पिटल में महज 18 घंटे भर्ती हृदयाघात से पीडित 55 वार्षिक व्यक्ति के मृत पश्चात इलाज के खर्च का बिल 4 लाख 60 हजार, परिजनों एवं परिचितों द्वारा इलाज का बेवराह मांगे जाने पर नानुकुर करने के पश्चात बिल हो गया 225000, है ना कमाल की बात??
गोड़पारा सुभाष नगर निवासी संजय मिश्रा 55 वार्षिक को हृदय में तकलीफ होने के कारण उक्त अस्पताल में दोपहर 3:00 बजे के आसपास भर्ती किया गया, आज प्रातः 10:00 बजे उनका देहांत भी हो गया,मृत्यु के पश्चात अस्पताल द्वारा दिए गए बिल से परिजनों के होश उड़ गए,
“एलीट” का मतलब सबसे श्रेष्ठ समाज, समूह या क्षेत्र के उन चुनिंदा लोगा जो अपने हुनर,धन,शिक्षा या ताकत के दम पर आम लोगों से ऊपर या बेहतर माने जाते हैं,पर इस एलीट ने तो सब कुछ उल्टा- पुल्टा कर दिया है हुनर और ताकत के दम पर डॉक्टर से डाकू सामूहिक सामाजिक चुनिंदा लोगों का कुछ समूह जो स्वास्थ्य सेवा के नाम पर मेवा खा रहा है ईश्वर के स्वरूप में हमारा समाज डॉक्टर को देखता है,और उन पर उतना ही विश्वास करता है, जितना ईश्वर पर कुछ चंद डाक्टरों द्वारा सेवा के इस कार्य को व्यवसाय एवं उद्योग बना लिया है जिसका सबसे बड़ा उदाहरण स्वर्गीय संजय मिश्रा के परिजनों के साथ घटित घटना है,शासन प्रशासन को इसे गंभीरतापूर्वक संज्ञान में लेकर ठोस एवं कड़े कदम उठाने जाना चाहिए इलाज के लिए खर्चो का कुछ नियम कानून बने जिसे आम लोग सरलता से समझा सके!!