बिलासपुर, कवर्धा में पिकअप खाई में गिरने से हुई 19 बैगा आदिवासी की मौत के मामले को हाईकोर्ट जनहित याचिका के रुप में संज्ञान में लिया है विभिन्न सड़क दुघर्टना में 107लोगो की मौत को चीफ जस्टिस रमेश सिंहा और पी पी साहु की बेंच ने मामले को गंभीर माना है हाईकोर्ट ने चीफ सेकेट्री , डीजीपी, आर टी ओ कमीश्नर, एन एच आई, कलेक्टर कवर्धा , एसपी कवर्धा, कलेक्टर बिलासपुर, एसपी बिलासपुर आरटीओ विलासपुर कवर्धा को पक्षकार बनाया गया है , सभी से एक सप्ताह में जवाब मांगा गया है, चीफ जस्टिस ने आम लोगो की जान जानें के मामले संवेदनशीलता दिखाई है, हाईकोर्ट ने माना की नशे के कारण दुघर्टना बढ़ रहीं है, सड़के अच्छी नहि है मार्किंग और पार्किंग दोनो नही है ट्रक नेशनल हाइवे में ट्रक का बेतरतीब बिना इंडीगेटर के खड़े रहना दुघर्टना का बड़ा कारण है सरकारी मुवायाज थोड़ी सी मदद है जिस परिवार का कमाने वाला चला जाए उसके मुवायजे का आंकलन नही किया जा सकता, नेशनल हाइवे की लापरवाही दिखती है, आम गरीब लोगो की बेवजह जान जा रही है सड़को और ट्रेफिक वायवास्था में बेहद खामी है, सरकार इसको रोकने तत्काल जरूरी प्रयास करे। हाईकोर्ट सड़क दुर्घटना के मामले में सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का भी जिक्र किया है
