*पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के निवास पर सजी बोरे-बासी की परंपरा, सादगी और संस्कृति का अनूठा संगम*
बिलासपुर 1 मई को छत्तीसगढ़ की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रतीक ‘बोरे-बासी’ परंपरा के तहत पूर्व विधायक कुलदीप जुनेजा के निवास पर विशेष आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सादगी, अपनापन और पारंपरिक मूल्यों का सुंदर समन्वय देखने को मिला।
इस अवसर पर उपस्थित जनों ने बोरे-बासी का आनंद लेते हुए प्रदेश की लोकसंस्कृति एवं परंपराओं को संरक्षित और संवर्धित करने का संदेश दिया। ‘बोरे-बासी’ को छत्तीसगढ़ की पहचान और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक बताते हुए इसे नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर जोर दिया गया।
कार्यक्रम में धनेंद्र साह, अमरजीत भगत एवं अरुण वोरा जी विशेष रूप से उपस्थित रहे।
