बिलासपुर, छत्तिसगढ़ में भाजपा के जीत का एक बडा रहस्य है जिसे आम जनता नही समझ पाई , छत्तिसगढ़ में अमीत शाह और पीएम मोदी की कई बड़ी सभाएं हुई सरगुजा ,बस्तर, दुर्ग ,बिलासपुर संभाग में बड़ी सभाएं हुई हजारों की संख्या में भाजपा कार्यकर्त पहुंचे, हर सभा में बड़े बड़े पंडाल में शाह और मोदी ने सभा ली , प्रदेश की सभी सभाओं में दूर दराज से भाजपा कार्यकर्ता बस , ट्रक और अपने साधन से पहुंचे सभा में पर्याप्त बैठने की वायवस्था की गई भाजपा के सभी नेताओं को, मंडल अध्यक्षों को सभा की भिड़ जुटाने की व्यवस्था दी गई , सभाओं में मोदी और शाह ने कार्यकत्ताओं में जोश भरा सरकार बदलने के लिए लोगो मुट्ठी बंद कर पूछा भाजपा की सरकार लाना चाहते है, कांग्रेस की सरकार बदलना चाहते खुद बिलासपुर की सभा में चार पीएम मोदी अयु नही साहिबो बदल के राहिबो का नारा दोहराया था कार्यकर्ताओ से दोनो हाथ उठा कर मुट्ठी बंद करा पूछा था चार बार कार्यकर्त्ताओं की हां हां हां हां के बाद सरकार बदल गईं, पुरे प्रदेश में इसी शैली में जोश भर कर देश के गृह मंत्री और प्रधान मंत्री छत्तिसगढ़ में सरकार बना ली , कांग्रेस इतनी छोटी सी बात नही समझ पाई पीएम मोदी और शाह की बड़ी सभाओं के असर का अंदाजा नहीं लगा पाई , इसका कारण है कांग्रेस में अच्छे रणनीतिकार नही है, कांग्रेस का मिडिया विभाग बेहद कमजोर है, अच्छे सिपहसलार नही होने के कारण भी कांग्रेस हार गई, नेताओं की खींच तान pr राहुल गांधी लगाम नहीं लगा सके , कठोर निर्णय राहुल गांधी नही ले सके जिसका परिणाम सामने है, उनके पास भी अच्छे सिपहसलार नही है , कांग्रेस नेता सरकार की नीति कांग्रेस की नीति का प्रचार करने की बजाए सार्वजानिक रूप बयानबाजी और सार्वजानिक पर चर्चा करके कांग्रेस की धनिया बोते रहे , प्रभारी बैरिकियो को समझने की बजाए अफसरशाही में काम कर रहे थे , अमीत शाह जैसे नेता ने कांग्रेस की इसी छोटी छोटी कमजोरी का लाभ उठाया रणनीति बनाई और जीत अपने नाम करा ली।

