
बिलासपुर- बीजेपी ने कोटा सीट में प्रत्याशी की घोषणा क्यो नही की जबकि बीजेपी ने इस सीट को डी ग्रुप में रखा है जबकि यंहा पार्टी में अपना जीवन खपा देने वाले रंगा नादम जैसे जैसे मजबूत और कर्मठ कार्यकर्ता है स्थानीय भी है , बीजेपी हर बार यंहा बाहरी प्रत्याशी उतार देती ही यंहा के कार्यकर्ताओं का हक छीन मार कर बाहरी को देती है , जनसंघ के समय से लगे रंगा नादम यंहा से मजबूत दावेदार है , इनके बाद के नेता अपनी पहुंच के कारण विधायक मंन्त्री बन गए जो नेता इनके सामने पैदा हुए वो आज मंत्री विधायक बन गए सत्ता का मजा ले लिए अमीर हो गए ई लेकिन बीजेपी को ऐसे कार्यकर्ता का सम्मान करने में शर्म आती होगी तभी तो इतने सालों से टिकट की मांग करने वाले कर्मठ रंगा नादम को टिकट नही दी गई,, बीजेपी अब बड़े लोगो कोली पार्टी हो गई है, कार्यकर्ता का सम्मान बीजेपी में बंद हो गया है ,पुराने लोगो का सम्मान करने में बीजेपी को शर्म आने लगी है , प्रवासी विधायक क्षेत्र के विधायक और पूर्व विधायक के साथ घूम रहे है ,क्योंकि की इनके मीठे और नमक की व्यवस्था यही कर रहे है ,नीचे स्तर के कार्यकर्ताओं से मिलने में इनको भी शर्म आ रही है शायद , बीजेपी यानी बड़े लोगो को टिकट यही पहचान बन गई है पार्टी की, जिनके पास पैसा नही बीजेपी उनको टिकट नही देगी, राजेश मूणत , राजीव अग्रवाल , छगन मूंदड़ा, केदार गुप्ता ,, सुनील अग्रवाल, जैसे व्यपारियो के बीजेपी के चेहरे है, संगठन के केंद्रीय आराम और शौंक वाले नेताओं का यही लोगो खर्च उठाते है ,तो स्वाभाविक है इन्ही को पार्टी तवज्जों दे रही है ये सब कार्यकर्ता देख रहा है लेकिन बोलने से होगा क्या, किनारे कर दिए जाएंगे इसलिए बेचारे चुप एक ये दर्द अमूमन सभी कार्यकर्ता का है , बैठते है तो चर्चा अपना दर्द बयान करते है हमको बताया , हमने कार्यकर्ताओं के दर्द को समझने की कोशिश की….

