बिलासपुर- जिला पंचायत में बरसात में पीने के पानी के लिए त्राहि त्राहि मच गई, सभी सदस्यों ने गांव में पीने के पानी की व्यवस्था नही कर पाने कोलेकर पीएचई के अधिकारियों पर जमकर बरसे , अधिकारी बहाना बनाते रहे , और जनप्रतिनिधि चिल्लाते रहे, सीईओ ने अधिकारियों को फटकार लगाई अजर कहा कि जिले जल प्रदाय योजना की स्थिति अच्छी नहीं है उन्होंने अधिकारियों को जल्द काम पुरा करने के निर्देश दिया, जल संससाधन के अधिकारियों पर इसलिए जनप्रतिनिधि भड़के1 क्योंकि पिछली बार दो महीने जो काम करने का वादा किया वो पूरा नही हुआ, पीएचई इएंडम के अधिकारी पटेल तो मस्तूरी की चांदनी भरद्वाज से पूछने लगे कि 12 नंबर क्या कितने गांव है मुझे नही पता आप बताए।जितेंद पांडे ने तखतपुर के कई गांव में पीने के पानी की समस्या को लेकर नाराजगी जताई, अंकित गौरहा ने सदन में झूठी जानकारी देने पर नाराजगी जताई, भार्गव ने भी इसको लेकर आपत्ति की, जिला पंचायत अध्यक्ष अरुण चौहान ने पानी की वृहत समस्या और अधिकारियों को कहा कि हर बार बहाना बनाएंगे तो जनप्रतिनिधि जनता के पास क्या मुह लेके जाएंगे।जीपीएएम की जनपद अध्यक्ष ममता पैकरा जिला अस्पताल में गरीबों का इलाज नही करने का आरोप लगाया कहा कि जिला अस्पताल रेफरल सेंटर बन गया गरीबो को लूट रहे है निजी नर्सिंग होम भर्ती करा दिया जाता गरीब कंहा से पैसा देगा, करोड़ो के घोंघा जलाशय की जाँच मांग की गई घनश्याम कौशिक ने कहा इस योजना से एक एकड़ में भी सिंचाई नही होती, पचरी और शिव घाट में घटिया सरिय लगाने के मामले भी जितेंद पांडे ने उठाया कहा कि ठेकेदार पर कारवाई क्यो नही की , पीएचई में ब्लैकलिस्टेड ठेकेदार को काम दिए जाने को नाराजगी जताई कहा कि वही ठेकेदार फिर काम नही कर रहे है।

