बिलासपुर-बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा की सभा के पहले आनन फानन में दिल्ली में कांग्रेस की बैठक होना और इस बैठक में राहुल गांधी का समय देना कई राजनीतिक सवालो को जन्म देता है, हालांकि सिंहदेव कई बार कह चुके है कि वे कांग्रेस कभी नही छोड़ेंगे लेकिन विपक्ष की बयानबाजी से लगता है कांग्रेस को कोई अंजना भय या कहे राहुल गांधी को अंजना भय सता रहा था जिसकी वजह से सीएम सहित वरिष्ठ मंत्री विधायक के साथ शैलाज के साथ मिल कर राहुल ने बैठक की ,वेणुगोपाल ने नेताओं से खुसुर पुसुर की और टी एस सिंहदेव को डिप्टी सीएम का आदेश राहुल गांधी ने जारी किया, चार महीने चुनाव के बचे है बीजेपी की राजनीतिक सेंधमारी से बचने राहुल गांधी ने पार्टी भब घमासान को रोकने सिंहदेव को डिप्टी सीएम बना कर मामले को ठंडा किया है,बीजेपी लगातार सिंहदेव को लेकर बयानबाजी कर रही थी हालांकि ये कूटनीतिक भी होसकता है और इस कूटनीति में सिंहदेव को सफलता मिल भी गई, डिप्टी सीएम की कुर्सी पाने के साथ सिंहदेव ने राहुल के नजदीक रहने की बिसात पर सफलता पा ली है ,कुछ दिन पहले राहुल गांधी और सिंहदेव के विदेश में मुलाकात की चर्चा से साफ हो गया है कि की राहुल गांधी ने दिल्ली में नेताओं की बैठक केवल सिंहदेव की घोषणा के लिए बुलाई थी ,राहुल गांधी ने कांग्रेस का विवाद खत्म करने की कोशिश की है लेकिन अगर कोई पाइप लाइन खराब है तो उसके एक छेद बंद करने के बाद दूसरी जगह लीकेज की पूरी संभावना रहती है , फिलहाल राहुल गांधी एक रिपेयरिंग से खुद को राहत महसूस कर रहे होंगे, और मान रहे होंगे कि एक बड़ा मामला उन्होंने आसानी से निपटा दिया ,

