बिलासपुर-छत्तीसगढ़ शासन के द्वारा जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क के लिए आवंटित की गई कृषि उपज मंडी की भूमि जो कि पाण्डातराई , रायपुर में स्थित है , को चुनौती दी गई थी , जिसमें पिछले विगत कई वर्षों से न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश जारी किया गया था । मामले की पैरवी महाधिवक्ता सतीश चन्द्र वर्मा , अतिरिक्त महाधिवक्ता चन्द्रेश श्रीवास्तव एवं उप शासकीय अधिवक्ता विक्रम शर्मा द्वारा की गई । मामले की पैरवी करते हुए महाधिवक्ता द्वारा यह आधार लिया गया कि शासन द्वारा आवंटित मंडी की भूमि छत्तीसगढ़ कृषि उपज अधिनियम , 1972 तथा राजस्व पुस्तक परिपत्र के प्रावधानों के तहत की गई है । उनके द्वारा यह भी आधार लिया गया कि शासन द्वारा अपने याचिका के जवाब में इस बात का स्पष्ट वर्णन किया गया है कि पूर्व में भी तत्कालीन भाजपा की सरकार के द्वारा मण्डी बोर्ड की भूमि को विभिन्न प्रयोजनों के लिए राज्य सरकार द्वारा आवंटित किया गया था , जिसे कि याचिकाकर्ता द्वारा अपनी याचिका दाखिल करते समय छुपाया गया तथा न्यायालय के समक्ष पुरी जानकारी न देते हुए स्थगन आदेश लिया गया । वर्तमान की स्थिति में महाधिवक्ता द्वारा यह बताया गया कि कृषि उपज मण्डी , पाण्डातराई को ग्राम तुलसी में स्थानांतरित कर दी गई है , जिससे याचिकाकर्ता की याचिका स्वयमेव ही निरस्त होने योग्य है । उच्च न्यायालय में सुनवाई के दौरान स्थगन आदेश को हटाते हुए याचिका को निराधार बताते हुए याचिकाकर्ता की याचिका को खारिज किया गया । – न्यायालय द्वारा मामले के खारिज होने के साथ साथ शासन की औधोगिक बहुमूल्य नीति जेम्स एण्ड ज्वेलरी पर्क पाण्डतराई , रायपुर में खोले जाने का रास्ता साफ हो गया , जिस पर शासन आने वाले समय में क्रियान्वयन करेगा ।

