30 जून को सेवानिवृत्त होने पर एनुअल इंक्रीमेंट का मामला:
बिलासपुर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट की सिंगल बेंच के जज सचिन सिंह राजपूत ने ३०जून को रिटायर हुए कर्मियो की याचिका पर सुनवाई कर विभाग को रिटायर्ड कर्मी को एक साल के इन्क्रीमेंट देने सम्बधी अभ्यावेदन का आठ सप्ताह के भीतर हाल ही में सुप्रीम कोर्ट के द्वारा एनुअल इंक्रीमेंट के संबंध में पारित निर्णय वा दिशानिर्देशों के आधार पर तथा उक्त पारित न्याय दृष्टांतो के आधार पर निराकरण करने का निर्देश दिया है। बिलासपुर जिले के मसानगंज के रहने वाले शेख सफदर हुसैन एवं रघुनंदन सिंह पोर्ते ने अपने अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत हाईकोर्ट में याचिका दाखिल करवाया था कि वे क्रमशः छत्तीसगढ़ वन विभाग में वनपाल के पद में एवं शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय चपोरा में प्राचार्य के पद पर कार्यरत रहते हुए ३०/०६/२०१० एवं ३०/६/२०१८को रिटायर हुए थे उन्हें प्रतिवर्ष १जुलाई को इन्क्रीमेंट का लाभ मिलता था परंतु ३०जून को रिटायर होने से उन्हें पूरे एक वर्ष कार्य करने के बाद भी एक इन्क्रीमेंट का भुगतान रिटायरमेंट के कई साल बाद भी नहीं किया गया है साथ ही पेंशन भी कम निर्धारित की गई है जिससे अभित्रस्त हो रिट याचिका अधिवक्ता अब्दुल वहाब खान के मार्फत पेश करवाया था जिसपर सुनवाई कर सचिव वन विभाग एवं सचिव स्कूल शिक्षा विभाग व वित्त सचिव छत्तीसगढ़ सहित अन्य को निर्देश जारी किया है कि वे याचिकाकर्ता गण के इन्क्रीमेंट का भुगतान करने अभ्यावेदन का ८ सप्ताह के भीतर सुप्रीम कोर्ट द्वारा जारी दिशा निर्देश के परिप्रेक्ष्य में निराकरण करें।

