बिलासपुर- आधारशिला विद्या मंदिर के शिक्षक उर्वशी गुप्ता और नितीश गुप्ता के साथ बच्चो की टीम स्पीकमैके के सात दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय कन्वेंशन का हिस्सा बनने के लिए नागपुर रवाना हुए l इस व्यापक आयोजन मे शामिल होने हेतु छत्तीसगढ़ स्पीकमैके के स्टेट कोआडिनेटर डॉ.अजय श्रीवास्तव भी नागपुर के लिए प्रस्थान कर चुके हैं।डॉ.अजय श्रीवास्तव लंबे समय से इस संस्था के अहम सदस्य के तौर पर अपना अभिन्न योगदान देते आए हैं एवं उन्होंने अपने विद्यालय के बच्चों को भी अपनी इस संस्कृति से जोड़ने व उनके महत्व को समझाने का सफल प्रयास निरंतर जारी रखा है।वे शहर व राज्य के विभिन्न स्कूलों व कॉलेजों में भी इस कला व संस्कृति का प्रचार कर रहे हैं।उनका उद्देश्य राज्य के कोने कोने तक अपने देश की कला व संस्कृति से भावी युवा पीढ़ी को अवगत कराना है।
स्पीक मैके का आठवां अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन 29 मई से 4 जून तक VNIT नागपुर में आयोजित किया जाएगा l 2019 के बाद यह पहला विधिवत अधिवेशन है l जिसमें भारतीय कला व संस्कृति के उत्कृष्ट वाहक व कलाकार भारतीय कला विधा के मूर्धन्य कलाविदों के साथ प्रत्यक्ष साहचर्य का अवसर मिलता है l 2030 तक हर भारतीय वालों को इस उद्देश्य से परिचित करवाया जाए l
यह अधिवेशन स्पिक मैके के प्रमुख कार्यक्रमों से है जो हर साल देश के प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थान में आयोजित किया जाता है यह 1 सप्ताह तक चलने वाला भारतीय संस्कृति का उत्सव है जहां भारत और दुनिया भर से 1500 से अधिक छात्र और स्वयंसेवक इकट्ठा होते हैं। अधिवेशन का उद्देश्य प्रतिभागियों को उनकी रोजमर्रा की अत्यधिक जानकारी से भरी हुई दुनिया से अलग हटाकर भारतीय संस्कृति की ओर उन्मुख करके एक प्रेरणादायी वातावरण देना है।अधिवेशन में प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति, विरासत और नैतिकता का एक नया दृष्टिकोण मिलता है जिसमें भारतीय कला के उत्कृष्ट वाहक भारतीय कला के मूर्धन्य कलाविदों के साथ प्रत्यक्ष साहचर्य का अवसर मिलता है l
अधिवेशन के गतिविधियों में शास्त्रीय संगीत और नृत्य, संगीत कार्यक्रम, लोक कला प्रदर्शन, शिल्प की गहन कार्यशालाएँ, सिनेमा स्क्रीनिंग, हेरिटेज वॉक, श्रमदान सुबह जल्दी योग (सुबह 4 बजे) और समग्र भोजन शामिल है। अधिवेशन का लक्ष्य नई पीढ़ी पर प्रभाव छोड़ने के लिए आश्रम जैसा अद्वितीय माहौल तैयार करना है यह अधिवेशन स्पीक मैके के मूल उद्देश्य के अनुरूप है हर युवा को भारतीय और विश्व विरासत के सन्निहित प्रेरणा और रहस्यवाद का अनुभव हो l इस अधिवेशन में देशभर के सबसे प्रसिद्ध कलाकारों द्वारा प्रदर्शन किया जाएगा l विदुषी डॉ. प्रभा अत्रे (हिंदुस्तानी गायन), उस्ताद अमजद अली खान (सरोद) पंडित अजय चक्रवर्ती (हिंदुस्तानी गायन) विद्वान उमयालपुरम (मृदंगम), महबूब सुभानी और श्रीमती कालीसबी महबूब (नदस्वरम), श्रीमती अश्विनी भिड़े देशपांडे (हिंदुस्तानी गायन), पंडित साजन मिश्रा (हिंदुस्तानी गायन) विद्वान लालगुडी जयरामन जीजे आर कृष्णन और विदुषी विजयलक्ष्मी (कर्नाटक वायलिन) श्रीमती अलरमेल (भरतनाट्यम) बेगम परवीन सुल्ताना (हिंदुस्तानी गायन) डॉ.एन राजम (हिंदुस्तानी वायलिन) मार्गी मधु (कुड़ियापट्टम) विदुषी तीजन बाई (पंडवानी) पंडित उल्हास कशालकर (हिंदुस्तानी गायन) विदुषी ए. कन्याकुमारी (कर्नाटक वायलिन) विदेशी बॉम्बे जयश्री (कर्नाटक वायलिन) उस्ताद एफ वसीफुद्दीन डागर (ध्रुपद), वारसी ब्रदर्स (कव्वाली), श्री तारापद रजक (पुरुलिया छाऊ), श्री भास्कर कोग्गा कामत (गोमबेट्टा) नागा वृंद गायन दल और अन्य महान विभूतियों का सानिध्य प्राप्त होगा l
यह आठवां अंतरराष्ट्रीय अधिवेशन केवल स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों के लिए निशुल्क पंजीकरण के साथ उपलब्ध है। प्रतिभागियों के आवास और भोजन का प्रबंध स्पीक में के द्वारा किया जाएगा । जहां उन्हें पूरे 1 सप्ताह तक सर्वश्रेष्ठ शास्त्रीय भारतीय कलाओं का पूर्ण वैभव में अनुभव करने का अवसर मिलेगा l
इस प्रख्यात अधिवेशन का हिस्सा बनने के लिए विद्यालय के शैक्षणिक डॉयरेक्टर एस के जनास्वामी व प्राचार्या जी आर मधुलिका ने पूरी टीम का उत्साहवर्धन किया एवं उन्हें सुखद यात्रा के शुभकामनाओ के साथ नागपुर के लिए विदा किया।
बिलासपुर से कैरियर पॉइंट वर्ल्ड स्कूल, DAV जामुल, DAV दुर्ग ,खैरागढ़ संगीत विद्यालय से लगभग 40 युवा शामिल हुए है।

