बिलासपुर- रमन सरकार के प्रमुख सचिव आईएएस अमन सिंह और पत्नी याशमीन सिंह हाईकोर्ट सशर्त जमानत दी है, भ्रष्टाचार के आरोपी अमन सिंह को जांच में सहयोग करना होगा।
पहला- हर महीने की चार तारिख को उपस्थित होना पड़ेगा।
दूसरा-जांच एजेंसी को विवेचना में सहयोग करेगा।
तीसरा- किसी भी तरह से साक्षियों को प्रेरित,भयभीत व वादा नहीं करेगा
चौथा- पुलिस विवेचना में कोई बाधा उत्पन्न नहीं करेगा। पांचवा-भारतीय सीमा बिना इस कोर्ट के आदेश प्राप्त किए नहीं छोड़ेगा ।
छटा-जमानत बोंड के साथ पुलिस को अपना वर्तमान पता,आधार कार्ड,व मोबाइल नं देगा जिसे केश के परिणाम तक नहीं बदलेगा ।
सातवां-अपने पासपोर्ट को पुलिस में जमा करेगा।,
इसके साथ ही कोर्ट ने शासन को ये छूट दी है अगर इन शर्तों का उलंघन होता है तो याचिका लगा सकती है
आठवां- ट्रायल के दौरान नियमित रूप से उपस्थित रहेगा
भ्रष्टाचार के आरोपी आईएएस अमन सिंह के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने रिपोर्टेबल जजमेंट देते हुए ऐसे आरोपी को समाज का प्रदूषण बताते हुए कई पन्नो का फैसला दिया है हाईकोर्ट ने भी मामले में रिपोर्टेबल जजमेंट दिया है मामले में सरकार की ओर अमृतोदास ,राघवेन्द्र प्रधान ने पैरवी की और अमन सिन के ईडब्ल्यूएस के सामने पेश होने को सरकार पैसे की जानकारी के लिए जरूरी बताया था मामले में बहस के बाद हाईकोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था शुक्रवार को हाईकोर्ट ने अपना फैसला सुनाया।

