बिलासपुर-आर्थिक अपराध के मामले में दर्ज एफआईआर में गिरफ्तारी से बचने के लिये अमन सिंह फिर हाईकोर्ट पहुंचे हैं ,हाईकोर्ट के जस्टिस राकेश मोहन पहले ही अमन सिंह की याचिका खारिज कर दी थी और सामान्य न्याय व्यवस्था के तहत जिस तरह से आम आदमी पहले निचली अदालत मे अपील करता है फिर उच्च अदालत में जाता है उसी तरह पहले निचली अदालत जाने का निर्देश दिया था, निचली अदालत ने भी अमन सिंह की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है अब अमन सिंह ने फिर हाईकोर्ट में याचिका लगाई है मामला फिर जस्टिस राकेश मोहन की अदालत में लगा है गुरुवार को मामले की सुनवाई होगी, अमन सिंह के खिलाफ 2020 में आर्थिक अपराध का मामला दर्ज हुआ था, जिसे हाईकोर्ट ने क्वैश कर दिया था ,जिसके खिलाफ शासन ने सुप्रीम कोर्ट में अपोल के थी सुप्रीम कोर्ट ने मामले में रिपोर्टेबल फैसला सुनाते हुए गंभीर टिप्पणी की है ,सुप्रीम कोर्ट ने भ्रष्टाचार के इस मामले को सामाजिक प्रदूषण के साथ केंसर बताया है ,साथ ही कहा कि इस तरह के मामले के एफआईआर को हाईकोर्ट को भी क्वैश नही करना चाहिए।हाईकोर्ट के रिपोर्टेबल जजमेंट के बाद अमन सिंह की एफआईआर स्टैंड हो गई है इसलिए गिरफ्तारी से बचने पहले हाईकोर्ट फिर निचली अदालत और फिर हाईकोर्ट मे अग्रिम ज़मानत याचिका लगाई है , निचली अदालत में शासन की ओर से अधिवक्ता अमृतो दास उर राघवेंद्र प्रधान ने अमन सिंह को जमानत नही देने का जमकर विरोध किया था साथ कहा था कि बिना गिरफ्तारी सरकार पैसे का हिसाब नही मिल सकता ,सुप्रीम कोर्ट के रिपोर्टेबल जजमेंट का भी हवाला दिया था।

