बिलासपुर/बस्तर में राजनीतिक संवाद को ग़लत दिशा देने की कोशिशें हो रही हैं।धर्म के नाम पर समाज को बाँटा जा रहा है।इस षड्यंत्र में बीजेपी का हाथ है किंतु दुर्भाग्य की बात है कि नफ़रत के बाज़ार में मोहब्बत की दुकान खोलने की बात करने वाली कॉंग्रेस की सरकार भी मूक दर्शक बनी बैठी है।
अगले 5 दोनों में JCCJ बस्तर,बीजापुर,सुकमा और कोंडागाँव में भ्रष्टाचार,लूट,बेरोज़गारी,वादा खिलाफ़ी जैसे मुद्दों पर कलेक्ट्रेट का घेराव करेगी ताकि आने वाले चुनाव में बस्तर के लोग भटकाने-भड़काने वाली बातों की जगह अपने भविष्य से जुड़े मुद्दों पर जनप्रतिनिधियों से सीधे सवाल पूछे।
क्योंकि 2023 में बस्तर का चुनाव कर्म पर न कि धर्म पर लड़ा जाएगा।

