कोटा पुलिस का आतंक, टूट गई युवती कीसगाई, कलेक्टर, आई जी एसपी से शिकायत, एसपी ने दिए एएसपी को जांच के निर्देश,थानेदार ने मामले में समझौता के लिए सरपंच पर बनाया दबाव।

बिलासपुर-मैं श्वेता कुमारी , उम्र 19 वर्ष , पिता श्री सुरेश लहरे , श्रीमती अनिता देवी , पति सुरेश लहरे , श्रीमती नीलम पिता दौलत , जाति सतनामी , सभी निवासी ग्राम बिल्लीबंद , थाना व तहसील कोटा , 29. को रात्रि 08:30 बजे हमारे घर में मेहमान आए हुए थे । जिसको भोजन कराने के लिए सपरिवार बैठे हुए थे । उसी समय थाना कोटा के आरक्षक विरेन्द्र गंधर्व एवं सहायक उपनिरीक्षक गढ़ेवाल एवं उपनिरीक्षक सिदार हमारे घर दारू है कहकर जबरन परेशान कर रहे थे । उसी बीच उन लोग विडीयो बना रहे थे तब हम अपने मोबाईल में ले पुलिस वालों का वीडियो बना रहे थे । उसी बीच पुलिस वाले हमारे मोबाईल को लूटकर गए और लोग डर गए इस कारण रात 12 बजे सपरिवार पुलिस अधीक्षक कार्यालय बिलासपुर आए वहा कोई न मिलने पर पुलिस कन्टोल रूम गए वहां से हमको सिविल • लाईन थाना शिकायत दर्ज कराने के लिए बोला गया । उक्त पुलिस वालो के पास ना किसी प्रकार का वारंट था और ना ही महिला पुलिस था । उक्त पुलिस वालो के द्वारा हमारे घर के महिलाओं के साथ मारपीट किया गया है । आरक्षक गंधर्व के द्वारा हम लोगो को धमकी दे रहा था कि तुमको जिससे शिकायत करना है कर दो मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता है । उक्त पुलिस वालो के करतूत के कारण हमारी पुत्री कुमारी श्वेता लहरे की सगाई टूट गई और लड़के वाले चले गए । उक्त पुलिस वालो के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्यवाही करते हुए । हमें इंसाफ दिलाने की कृपा करें क्योंकि उक्त घटना के बाद हम सभी लोग बुरी तरह से डरे हुए है । यदि इस बीच यदि हम लोगों को कुछ होता है तो इसकी सारी जवाब दारी उक्त पुलिसवालों की होगी ।

कोटा पुलिस की सफाई, नही थी कोई सगाई,

ग्राम बिल्लीबंद का सुरेश लहरे, गांव में साप्ताहिक बाजार होने व अगले दिवस 30 जनवरी होने से भारी मात्रा में महुआ शराब बिक्री करने के लिए अपने दुकान में रखा है, सूचना पर थाना कोटा से उपनिरीक्षक सिदार के नेतृत्व में टीम गई थी, पुलिस को आता देखकर घर की महिलाओं के द्वारा शराब को नष्ट किया जा रहा था, पुलिस द्वारा रोके जाने पर विवाद करने लगे थे। ग्राम बिल्लीबंध निवासी सुरेश लहरे के घर में कोई सगाई का कार्यक्रम नही था, सुरेश लहरे के विरूद्ध पूर्व में भी कई बार आबकारी एक्ट की कार्यवाही की गई है। महिलाओं द्वारा दिए गए आवेदन को जांच हेतु अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ग्रामीण जिला बिलासपुर को सौंपा गया है।

दबी जुबान में लोग कह रहे सब पैसे का खेल है ,कच्ची शराब की अवैध वसूली का कारोबार कोटा इलाके अच्छा फल फूल रहा है , स्थानीय सूत्रों के मुताबिक कोटा थाना में महीने की अच्छी अवाक है, थाने की सड़क गार्डन कैसे चका चक है ,कंहा से पैसा आया इसके पीछे भी थाने में पहुंचने वाली बड़ी अवाक को माना जा रहा है, घटना अगर झूठी है तो पुलिस ने मारपीट क्यों कि,व्व भी महिलाओं के साथ ,अगर घटना झूठी तो थानेदार ने गांव के सरपंच पर मामले में समझौता कराने का दबाव क्यो बनाया। और सही घटना थी तो अपराध दर्ज करना था बयानबाजी का क्या मतलब।

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