आधारशिला विद्यालय में बालिका दिवस एवं यातायात सड़क सुरक्षा

बिलासपुर-आधारशिला विद्या मंदिर में 24 जनवरी बालिका दिवस के रूप में मनाया गया। जिसमें ट्रैफिक सब इंस्पेक्टर उमाकांत पांडे ,कांस्टेबल श्री भुवनेश्वर मरावी एवं श्री रोशन ने कक्षा आठवीं से बारहवीं तक के छात्रों को यातायात सड़क सुरक्षा के नियमों से अवगत कराया। एस.आई. उमाकांत पांडे ने छात्रों को बहुत ही सरल तरीके से यातायात के नौ संकेतों को एक्टिविटी द्वारा सभी नियमों को बताया तथा यातायात से संबंधित प्रश्न पूछ कर जवाब देने वाले बच्चों को इनाम देकर उत्साहित किया। उन्होंने कहा किआप अब छोटे बच्चे नहीं हैं जो सड़क पर चलते समय सुरक्षा नियमों को नहीं जानते हैं। उन्होनें बच्चों को बिना लाइसेंस गाड़ी चलाने के लिए मना किया तथा एक बहुत अच्छी कहावत कही, “सॉरी से ज्यादा अच्छा सुरक्षित रहना है”। हालांकि हम सब इस चीज़ को भूल जाते हैं और कई बार लापरवाह हो जाते हैं जिससे हम अपने जीवन को खतरे में डालते हैं।
क्या हम उन लोगों की ख़बरें नहीं सुनते हैं जो सड़क पर आपसी मुठभेड़ या सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हो जाते हैं? दुर्भाग्यवश कुछ की तो मौके पर ही मौत हो जाती हैं और कुछ को गंभीर चोटें आती हैं जिसका बोझ उन्हें जीवन भर उठाना पड़ता हैं। वाहन दुर्घटनाएं हमारे देश में मृत्यु दर में वृद्धि के पीछे एक बड़ा कारण बन गई हैं और यह भी तब हो रहा है जब सरकार सड़क सुरक्षा उपायों को लागू कर रही है।
आप में से बहुत लोगों को यह नहीं पता होगा कि अबू धाबी वो जगह है जो विश्व में सड़क पर मौतों की उच्चतम दर रखने के लिए जाना जाता है। वहां औसतन हर महीने सड़क यातायात के कारण हुई घातक चोटों की वजह से 38 मौतें होती हैं जिनमें मुख्य रूप से 0 से 14 वर्षीय बच्चे शामिल होते हैं।

इसलिए यह इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि सभी लोगों को विशेष रूप से पैदल चलने वालों लोगों को सड़क पर चलने के दौरान सतर्क रहना चाहिए और सुरक्षा नियमों का पालन करना चाहिए। पैदल यात्रियों के साथ सड़क दुर्घटना मुख्य रूप से तब होता है जब वह लापरवाही से यातायात सिग्नल पर ध्यान नहीं देता या सावधानी से क्रॉसवाक पर नहीं चलता है जिससे चोट लगने के मामले बढ़ जाते हैं। इसलिए सबको सतर्क रहने और सड़क पर चलने के दौरान जल्दी में ना रहने का अनुरोध किया। इसके अलावा कई लोग आमतौर पर यातायात के सामान्य प्रवाह में भी बाधा डालते हैं। अतः इस ओर भी बच्चों का ध्यान आकर्षित किया कि यह किसी के जीवन के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है इसलिए ऐसा करने से बचना चाहिए। हमेशा सड़क पर चलने के लिए ज़ेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग करें और अपनी आँखों और कानों को खोलें ताकि चारों ओर से आती आवाज सुन सकें। उन्होंने विद्यालय की छात्राओं को बालिका दिवस की बधाई दी तथा उपस्थित छात्रों तथा शिक्षकों को यातायात सुरक्षा के शपथ दिलवाते हुए कहा कि आशा है कि आप सभी मेरे शब्दों को याद रखेंगे और दूसरों को सड़क सुरक्षा नियमों के महत्व के बारे में शिक्षित करेंगे।
इस अवसर पर विद्यालय के निर्देशक एस .के .जनास्वामी प्राचार्या श्रीमती जी.आर.मधुलिका एवं शिक्षक गण उपस्थित रहे।

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