बिलासपुर- थाना सकरी जिला बिलासपुर के अपराध क्रमांक 641/2022 धारा 302, 341, 120बी, 34 भादवि 25, 27 आर्म्स एक्ट खनिज बैरियर के पास सकरी में दिनदहाड़े हुये गोलीकांड का खुलासा
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पैतृक संपत्ति के बटवारे का विवाद व सगे संबंधियो में रंजिश की पराकाष्ठा के परिणास्वरूप घटित जघन्य हत्याकांड पिता व सगे भाई एवं अन्य रिश्तेदारो द्वारा साथियो के साथ मिलकर योजनाबध्द तरीके से दिया गया गया घटना को अंजाम
घटना दिनांक से पूर्व भी मारने का किया गया था प्रयास
घटना स्थल से कुल 10 नग 7.65 एमएम कारतूस के खाली खोखे, 01 नग 7.65 एमएम के जिन्दा
कारतूस जप्त
20,00000 से अधिक मोबाईल नंबरो का विश्लेषण • 100 से अधिक विभिन्न स्थलो के मोबाईल टॉवरो का कॉल डेटा रिकार्ड का अध्ययन
05 राज्यो (मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, दिल्ली, छत्तीसगढ़) के 1000 से अधिक सीसीटीवी
कैमरो का अवलोकन
• उक्त राज्यो के करीब 50 से अधिक टोल प्लाजा में लगे सीसीटीवी कैमरो का विश्लेषण
घटना में प्रयुक्त वाहन बेलेनो, स्कार्पियो ऐलेन्द्रा कार बरामद
• पी०एम० के दौरान मृतक के शरीर से कुल 10 नग बुलेट होने की पुष्टि, 03 नग शव से रिकव्हर
बाकी अस्थि विसर्जन के दौरान रिकव्हर प्रकरण में 03 नग पिस्टल जप्ती।
गिरफ्तार आरोपी गण का नाम पता व इनकी भूमिका :-
01 जय नारायण त्रिपाठी पिता हरगोविन्द त्रिपाठी उम्र 73 साल नि0 मछली मार्केट के पीछे शनीचरी बाजार थाना
सिटी कोतवाली हामु रोड नंबर 18 रामलू चौक पावर हाउस थाना छावनी भिलाई जिला दुर्ग :- मृतक
संजू त्रिपाठी का पिता है। तथा पैतृक संपत्ति विवाद के कारण अपने छोटे बेटे कपिल त्रिपाठी के साथ मिलकर
मोबाईल फोन में बात कर घटना साजिश रचा तथा घटना के बाद लगातार गुमराह कर मुख्य आरोपी कपिल त्रिपाठी
को बचाने का प्रयास करता रहा। भिलाई स्थित घर से एक नग पिस्टल बरामद हुआ है। जिसमें 02 राउंड 7.65
एमएम जिन्दा राउंड मैग्जीन में लगा है।
- कपिल त्रिपाठी पिता जय नारायण त्रिपाठी उम्र 38 साल नि0 शैलेन्द्र नगर अमेरी थाना सकरी
- घटना का मास्टर माइंड संपत्ति विवाद के कारण मृतक संजू त्रिपाठी की हत्या का मुख्य साजिशकर्ता है। पैतृक संपत्ति के कारण पूर्व में इसके साथ कुदुदंड के मकान में मृतक द्वारा मारपीट की गठ थी। इसके द्वारा स्थानीय एवं बाहर के अन्य शूटरो को बुलाकर अंजाम दिया गया है। योजना के तहत घटना के बाद छिपने हेतू जम्मू कश्मीर नेपाल, दिल्ली का पूर्व से रैकी कर चुका था। तथा घटना में खर्च हुये एवं हथियार खरीदी में खर्च हुये रकम की व्यवस्था भी इसी के द्वारा किया गया था। इसके पहले भी शूटरो को बुलाकर हत्या करने की योजना बना चुका था, परंतु योजना सफल नही हो सका था। शूटरो को अपने घर के पीछे स्थित स्वयं के मकान में रूकने की व्यवस्था किया। इसने अपराध में शामील अन्य आरोपियों को विश्वास दिलाया कि यह स्वयं बाहर रहकर इनकी मदद करेगा तथा भरत तिवारी, आशीष तिवारी, रवि तिवारी हथियार के साथ गिर० होते, उक्त हथियार को नियोजित तरीके से दो नग पिस्टल को शनीचरी वाले घर तथा एक नग पिस्टल को भिलाई से जप्त कराते, जो इस घटना में प्रयुक्त ही नही हुये है। कपिल त्रिपाठी इन्हें न्यायालय से दोषमुक्त कराने का भी आश्वासन दिया था।

