
बिलासपुर- तखतपुर क्षेत्र के राजाकांपा के किसान छोटूराम कैवर्त द्वारा विवश होकर आत्महत्या करने को गंभीर बताया है।कांग्रेस नेताओ की मिलीभगत और संरक्षण के चलते जमीनों के बंदरबांट पर गंभीर आरोप लगाया है।पटवारी द्वारा किसान से खुलेआम रिश्वत की मांग करते हुए गरीब किसान को लगातार घुमाते रहा आखरी में विवश होकर गरीब किसान ने आत्महत्या कर ली। इस मामले में सरकार के नेता, मंत्री सबकी भूमिका संदिग्ध है। अग्रवाल ने प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि, अगर प्रदेश में इस प्रकार के चल रहे खुलेआम भ्रष्टचार शीघ्र बंद नहीं हुए, तो भारतीय जनता पार्टी को सड़क की लडाई लडने हेतु मजबुर होना होगा।
श्री अग्रवाल ने अपने ट्वीटर एकाउन्ट में ट्वीट करते हुए लिखा है कि, ‘‘अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण घटनाक्रम में शुक्रवार की सुबह तखतपुर के ग्राम राजाकांपा में जमीन की रजिस्ट्री मामले में पटवारी की प्रताड़ना से तंग होकर कृषक भाई छोटू राम कैवर्त ने अपनी ही बाड़ी में भ्रष्टाचार की सूली में खुद को बलिदान कर दिया। ईश्वर मृतात्मा को शांति प्रदान करें‘‘ साथ ही उन्होंने यह भी ट्वीट किया है कि, ‘‘राज्य में पिछले 11 महीनों में 150 से ज्यादा किसानों ने आत्महत्या की है, किसान के अगुआ बनने वाले भूपेश सरकार के कार्यकाल में 440 किसानों ने मौत को गले लगा दिया है।‘‘ नेता प्रतिपक्ष ने भी किसान आत्महत्या मामले के स्थानीय कांग्रेस नेताओ की वसूली को जिम्मेदार ठहराया है।
