मोदी के कारण महिलाएं सुरक्षित-पूर्व मंत्री अमर अग्रवाल


आजादीके अमृत काल में मोदी सरकार की  दूरगामीसोच से महिलाओं का भविष्य हुआ सुरक्षित- श अमर अग्रवाल ·       
महिलाओंके सशक्तिकरण एवं सुरक्षा में असफल रही है भूपेश सरकार… माताओं और बहनों केआशीर्वाद से प्रदेश में बनेगी सशक्तभाजपा सरकार- श्री अमर अग्रवाल.  पूर्व मंत्री श्री अमर अग्रवाल ने जारीविज्ञप्ति में महिलाओं के नेतृत्व वाला विकास प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जीएवं भारतीय जनता पार्टी की सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।आजादी के बाद सेतुलनात्मक रूप सेपिछलेवर्षोंमें महिला सशक्तिकरण के प्रयासों में देशलगातार आगे बढ़ रहा है। आदिवासी समाज काप्रतिनिधित्व करने वाली महिला श्रीमती द्रौपदी मुर्मू जी को भारत का राष्ट्रपतिबनाना, सुश्री अनुसुइया उइके जी को छत्तीसगढ़ का राज्यपाल बनाना या फिर केंद्रसरकार में वित्त मंत्री के रूप में प्रभावी भूमिका निभा रही श्रीमती निर्मलासीतारमण या फिर हमारे बीच हुंकार रैली में शामिल होने आ रही केंद्रीय मंत्रीश्रीमती स्मृति ईरानी, महिला मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती विनीता खन्नामहिला सशक्तिकरण का वैश्विक रोल मॉडल है।श्री अग्रवाल ने कहाकि देश मे महिला नेतृत्व विकास के कारण;हमारी करोड़ोंमाताओं,nबहनों और बेटियों का जीवन आसान हो गया है,आज वे देश के उत्थान मेंबढ़-चढ़कर योगदान दे रही हैं। मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने अनेकऐतिहासिक आयाम महिलाओं की प्रगति और विकास के संदर्भ में हासिल किया है।बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ से लेकर मुद्रा औरउज्ज्वला जैसी योजनाओं ने महिलाओं को देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देने कामंच प्रदान किया है।बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ अभियान का देश के पूरे 640 जिलों में विस्तार से आज हमारेबेटियां बेटों के साथ बढ़-चढ़कर कैरियर निर्माण में आगे आ रही हैं। बेटियों केसुरक्षित भविष्य के लिए  2015 से सुकन्यासमृद्धि योजना तहत देश में 1.26 करोड़ से अधिक बैंक खाते खुल चुके हैं, जिनमें19,000 करोड़ रुपये से अधिक की रकम जमा हुई है।महिलाओं के विरुद्ध हिंसा को रोकनेके लिए मोदी सरकार कड़े से कड़े कदम उठाये गए, सरकार ने मासूमों पर होने वालेजघन्य अपराध से जुड़े  POCSO एक्ट (Protection of Children from SexualOffences Act) मेंबदलाव कर बच्चियों से रेप के दोषियों के लिए फांसी तक की सजा का प्रावधान किया है।मुस्लिम महिलाओं के सशक्तिकरण की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाने का साहस मोदी सरकारने ही दिखाया और सदियों से चली आ रही तीनतलाक की कुप्रथा के खात्मे मुस्लिम महिला(विवाह अधिकार संरक्षण) विधेयक लाया। विवाह के लिए युवतियों की आयु में बढ़ोतरी सेलैंगिक समानता और महिला स्वास्थ्य की दृष्टि से बेहतर वातावरण बंन सका है।महिला उद्यमियों को प्रोत्साहन देने के इरादेसे ही महिला ई-हाट की शुरुआत की गई है।प्रधानमंत्री जन धन योजना के तहत अब तक 31.5करोड़ ऐसे खाते खुल चुके हैं। जन धन योजना में 16.5 करोड़ महिलाओं को लाभ मिल रहाहै।प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के तहत बगैर बैंक गारंटी के लोन पाने वालों में 70 प्रतिशत से अधिक महिलाएंहैं। सुरक्षित मातृत्व योजना के अंतर्गतगर्भवती महिलाओं और नवजात शिशुओं की जीवन सुरक्षा के लिए निशुल्क स्वास्थ्य सेवाएंसरकार द्वारा प्रदान की जा रही है। महिलाओं की सामाजिक भागीदारी को सशक्त बनाने औरउनकी सक्षमता अभिवृद्धि के लिए महिला शक्ति केंद्र स्थापित किया जा रहा है।श्रीअमर अग्रवाल ने कहा भारत सरकार की दूरगामी सोच के प्रयासों से आज महिलाएं पुरुषोंके साथ कंधे से कंधा मिलाकर हर क्षेत्रमें भागीदारी कर रही है। उन्होंने कहा महिलाओं के बिना व्यक्ति,परिवार और समाज के विकास की कल्पना भी नहीं की जा सकती है| समाज के विकास का सीधा सम्बन्ध उस समाज कीमहिलाओं के विकास से जुड़ा होता है।राज्य निर्माण के आरंभिक 3 वर्षों के कुशासन के बाद डॉ रमन सिंह के नेतृत्व में भारतीय जनता पार्टीकी सरकार ने प्रदेश की महिलाओं में नएआत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता को लेकर अनेक कार्य किये। श्री अमर अग्रवाल ने कहा जबसे प्रदेश में भूपेश बघेल की सरकार आई है, प्रतिवर्ष क्राईम रिकॉर्ड के आंकड़ेउठाकर के देख ले महिलाओं के संरक्षण और विकास संबंधी गतिविधियां हाशिये पर आ कगई है। महिलाओं के विरुद्ध अपराध मेंदिनोंदिन वृद्धि हो रही है। बलात्कार की घटनाएं आम हो गई है,कामकाजी महिलाओं कोयौन दुर्व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है, लैंगिक असमानता का बोलबाला है, लवजिहाद के प्रकरण भी दिखाई पड़ते हैं, सामाजिक आर्थिक मोर्चे पर महिलाओं को पुरुषोंके बराबर हक दिलाने में राज्य की सरकार पूरी तरह विफल रही है। आदिवासी इलाकों मेंसैकड़ों महिलाएं लापता हो जाती है, मानवतस्करी का शिकार हो रही है जिनका राज्य सरकार के पास कोई हिसाब-किताब नहीं है।महिलाओं के रोजगार और उनके समग्र विकास के संबंध में कोई योजना नहीं है,महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर भी सरकार गंभीर नहीं है। आंकड़े बाजी में माहिरराज्य सरकार का कुपोषण की समस्या का वास्तविकता से कोई लेना देना नहीं है। महिलाओंने शराबबंदी के लिए सरकार से अपेक्षा की थी ,सरकार अपने घोषणा पत्र में उल्लेखकिया,वादा निभाने की बजाय चार सालो से बहानेबाजी कर रही है। नशाखोरी से महिलाओं कोघरेलू प्रताड़ना का शिकार होना पड़ रहा हैं, सुदूर और पिछड़े क्षेत्रों मेंमहिलाओं के हालात पर सरकार के द्वारा कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। महिलाओं केलोकतांत्रिक अधिकार और राजनीतिक सहभागिता को वास्तविकता में देखा जाए तो नगरीयनिकाय हो या पंचायत; हो या फिर संसदीयक्षेत्र या विधानसभा क्षेत्र ,महिला विधायकों, सांसदों और प्रतिनिधियों के नाम परसंवैधानिक अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।मातृशक्ति के अधिकारों तिरस्कार राज्य सरकार के द्वारा किया जा रहाहै। सैकड़ो की संख्या में शिक्षाकर्मियों विधवाएं रायपुर के बूढ़ा तालाब में आंदोलनकर रही है उनको सरकार अनुकंपा नियुक्ति नहीं दे पा रही है। 30,000 से ज्यादा स्वयंसहायता समूह की हजारों महिला परिवार रेडी टू ईट योजना में मिल रहे रोजगार को ठेकाकंपनी के नाम पर हस्तांतरित किए जाने से खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। प्रदेशके वन इलाकों में तेंदूपत्ता एवं लघु वनोपज का संग्रहण करने वाली महिलाओं कीमूलभूत आवश्यकताओं एवं सुरक्षा के संबंध में सरकार का कोई ध्यान नहीं, आपदा,महामारी से प्रभावित महिलाओं को मुआवजा तक सही ढंग से नहीं मिल पा रहा है।आज प्रदेश की मातृशक्ति अपने अधिकारों के लिएप्रदेश की बहरी सरकार को हुंकारी कारी भरकर किए गए वादों की याद दिला रही है,आनेवाले समय के लिए हमारी माताओ और बहनो नेसंकल्प ले लिया है कि वे स्नेह एवमआशीर्वाद से छतीसगढ़ में सशक्त नेतृत्व वाली भाजपा सरकार बनाएगी है जो प्रदेशके विकास के महिलाओं की भागीदारी से बनेगी, तभी देश का सर्वांगीण विकास का सफर में आजादी केअमृतकाल मे छत्तीसगढ़ निर्माण का ध्येय सही मायनों में खरा उतर सकेगा।

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