बिलासपुर- केंद्र में बीजेपी की सरकार है बीजेपी के पूर्वजो की मेहनत पर सरकार आज बुलंद दिख रही है लेकिन बुलंद इमारत के नीचे दबे पत्थरो की कोई पूछ परख नही है ,पुराने नेताओ के नाम पर आज भी बीजेपी वोट मांगती है उनके नाम पर कार्यक्रम आयोजित करती है लेकिन उनका हिस्सा उनको देना नही चाहते जिन लोगो ने मेहनत की उस समय आज के नेताओं की तरह लोग पैसे के पीछे नही भागते थे ,समर्पण की भवन थी आज के नेताओं का पूरा समर्पण अर्थतंत्र कीओर है इसलिए ये राजनीति से अलग हो भी जाये तो कमाई इतना कर लेते है ये पार्टी और सरकार की तरफ देखते नही,लेकिन मीसाबंदियों ने कोई भ्रष्टाचार नही किया पार्टी के लिए काम किया फिर ऐसे लोगों को केंद्र सरकार पेंशन क्यों नही देती , कई मीसाबंदियों की हालत खराब है लेकिन इनमें से कुछ तो जुगाड़ कर लेते कुछ की हालत बेहद खराब है।ज्ञान से पेट भरेगा नही ,नेता मदद करते नही ,जब कोरोना काल मे कोई भाजपा का बड़ा नेता मदद करने नही आया,, इन बड़े नेताओं ने पत्रकारों की भी मदद नही की । केंद्र की बीजेपी सरकार अपने धरातल को भूल गई है ,जिस तरह पंद्रह साल में बीजेपी कार्यकर्ता उपेक्षित रहा लोग उपेक्षित रहे उसी तरह केंद्र सरकार भी मीसा बंदियो को भूल गई है ,

