सरकारी शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दिया नहीं जलाया, नोटिस मिला तो लगा अपमान, दिया जलाने का सरकारी आदेश था, तो सरकार का कहना माना क्यो नही, सरकार के वेतन चलने वाले सरकार के विरोध में।
सरकारी शिक्षकों ने प्रधानमंत्री के सम्मान में दिया नहीं जलाया, नोटिस मिला तो लगा अपमान, दिया जलाने का सरकारी आदेश था, तो सरकार का कहना माना क्यो नही, सरकार के वेतन चलने वाले सरकार के विरोध में।
बिलासपुर, पीएम मोदी के जनमदिन आशीर्वाद का दिया जलाने का सरकारी आदेश था, शिक्षकों ने नहीं माना, अब सरकारी शिक्षक इसे सरकार की तानाशाही, मनमानी, अन्याय और स्वाभिमान को चोट सहित कई कड़े शब्दों में विरोध कर रहे है, सरकारी नौकरी कर रहे लेकिन सरकार का कहना नहीं मानना है सरकार के पैसे से कार और घर चल रहा लेकिन देश के प्रधानमंत्री मंत्री के के जन्मदिन में दिया नहीं जलाना है, सरकारी शिक्षक अब नोटिस के खिलाफ सरकार से लड़ेंगे , मामला देश के प्रधानमंत्री के सम्मान से जुड़ा है लेकिन शिक्षकों फिर भी दिया नहीं जलाया, अब सरकारी कर्मचारी सरकार का कहना नहीं मानेगा तो कौन मानेगा, सरकार कहना मानने का ही लाखों रुपए वेतन देती है लेकिन शिक्षक प्रधानमंत्री के लिए सौपे गए काम को नहीं करना चाहता और सरकार से लड़ेंने के लिए तैयार है, क्या ये अपमान नहीं की अपने पीएम के सम्मान में दिया नहीं जलाया