बिल्हा/बिलासपुर (छत्तीसगढ़)। सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम में ड्यूटी से कथित तौर पर नदारद रहने वाले 21 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) बिल्हा ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है। जनपद पंचायत बिल्हा के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) के सख्त रुख के बाद जारी नोटिस में संबंधित कर्मचारियों को दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
हाजिरी दर्ज, लेकिन ड्यूटी से गायब रहने का आरोप
17 सितंबर 2026 को शाम 7 बजे प्रदेशव्यापी सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर ‘सेवा के लिए आशीर्वाद का दीप’ प्रज्ज्वलन कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
बिल्हा विकासखंड के ऐतिहासिक ताला क्षेत्र के ग्राम अमेरीकापा स्थित विख्यात मंदिर में जिला प्रशासन के निर्देशानुसार कार्यक्रम आयोजित किया गया था। आयोजन की व्यवस्था के लिए शिक्षा विभाग के शिक्षकों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात 21 शिक्षकों एवं कर्मचारियों ने उपस्थिति दर्ज कराने के बाद कार्यक्रम स्थल से अनुपस्थित होकर अपनी जिम्मेदारी का निर्वहन नहीं किया। इससे आयोजन की व्यवस्थाओं पर असर पड़ा।
CEO की नाराजगी के बाद BEO की कार्रवाई
कार्यक्रम में शिक्षकों एवं कर्मचारियों की कथित अनुपस्थिति और व्यवस्थाओं में आई अव्यवस्था को लेकर जनपद पंचायत बिल्हा के CEO लहरे ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित कर्मचारियों की सूची तैयार कर आवश्यक कार्रवाई के लिए विकासखंड शिक्षा अधिकारी को सौंप दी।
इसके बाद BEO बिल्हा ने सूची में शामिल 21 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
सिविल सेवा आचरण नियमों के उल्लंघन का उल्लेख
जारी नोटिस में संबंधित कर्मचारियों के कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 के उल्लंघन के रूप में उल्लेखित किया गया है।
सभी संबंधित कर्मचारियों को दो दिवस के भीतर व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित समय में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में नियमानुसार आगे की अनुशासनात्मक कार्रवाई किए जाने की बात कही गई है।
इन 21 शिक्षकों एवं कर्मचारियों को जारी हुआ नोटिस
संजय कुमार कौशिक — सहायक शिक्षक एल.बी., पेण्डरवा
अमृत लाल — शासकीय प्राथमिक शाला, पौसरी
ज्ञान चंद बजारे — प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला, खम्तहा
श्रीमती कृति चंद्रवंशी — सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला, भोजपुरी
श्रीमती उषा चन्द्राकर — सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला, भोजपुरी
श्रीमती नीलिमा ऐलिजाबेथ हेंज — सहायक शिक्षक एल.बी., प्राथमिक शाला, भोजपुरी
श्रीमती संगीता वालरे — सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला, भोजपुरी
आशीष आर्मो — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पेण्डरवा
अभिषेक गहवई — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पेण्डरवा
रोहित घृतलहरे — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, भोजपुरी
सनत कुमार ठाकुर — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, भोजपुरी
राकेश कुमार वस्त्रकार — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, भोजपुरी
अशोक कुमार दुबे — प्रधान पाठक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, भोजपुरी
लक्ष्मीचंद श्याम — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, पौसरी
कांति कुमार वर्मा — संकुल केंद्र, पौसरी
नेतराम पैकरा — शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, उड़नताल
खेमलाल टण्डन — शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, उड़नताल
चंद्रकांत रात्रे — शिक्षक, शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, उड़नताल
गुलाम गौस जिलानी — प्रधान पाठक, शासकीय प्राथमिक शाला, उड़नताल
संजय कुमार कौशिक — सहायक शिक्षक एल.बी., शासकीय प्राथमिक शाला, उड़नताल
आशीष कुमार कटकवार — शिक्षक एल.बी., शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला, दगौर
अब आगे क्या?
कारण बताओ नोटिस जारी होने के बाद संबंधित शिक्षकों एवं कर्मचारियों को निर्धारित समय-सीमा में अपना पक्ष प्रस्तुत करना होगा। उनके स्पष्टीकरण और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर विभाग आगे की कार्रवाई करेगा।
बड़ा सवाल: बच्चों को अनुशासन और जिम्मेदारी का पाठ पढ़ाने वाले शिक्षकों की शासकीय आयोजनों में निर्धारित ड्यूटी के प्रति जवाबदेही कैसे सुनिश्चित होगी? क्या यह मामला केवल कारण बताओ नोटिस तक सीमित रहेगा या जांच के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी होगी?
अब सबकी निगाहें संबंधित शिक्षकों के स्पष्टीकरण और शिक्षा विभाग के अगले कदम पर टिकी हैं।