बिलासपुर- जिस काम के लिए रेल्वे के अधिकारियों को मोटी तनख्वाह और सुविधा दी जाती है उसी काम को रेल अधिकारी नही कर पा रहे है ,ट्रेन है कि ऑटो समझ नही आता ऑटो वाला भी दो घण्टे नही रुकता लेकिन वह रे अंग्रेजियत साऊथ ईस्टर्न रेल्वे कोलकाता के अधिकारी मुख्य अभियंता प्रकाश कुमार मंडल ने नर्मदा एक्सप्रेस में अपना सैलून जुड़वाने के लिए नर्मदा एक्सप्रेस को दो घंटे रुकवा दिया ,दो घंटे यात्री और दुधमुहे बच्चे परेशान होते रहे , लेकिन निर्दयी रेल प्रशासन को यात्रियों पर दया नही आई , इतनी बड़ी लापरवाही सामने आने के बाद भी सकुशल कोलकाता के अधिकारी वापस चला गए रेल मंत्री ने उसे सस्पेंड क्यो नही किया ,रेल्वे के इस अमानवीय चेहरे से मोदी सरकार रेल मंत्री के छवि को धक्का लगा है ,मोदी सरकार पारदर्शी काम करके छवि बनाने का काम कर रही है और रेल अफसर उसे धोने में लगे । यात्री तकलीफ पाते रहे लेकिन रेल अफसरों का दिल नही पसीज और दो घंटे नर्मदा एक्सप्रेस खड़े रही जी एम ने कोई कार्यवाई नही ,की झाड़ू लगा कर फोटो खिंचाने से इमेज नही बनेगी यात्री सुविधा के लिए और यात्रियों की तकलीफ को समझ कर काम करने एसईसीआर की इमेज बनेगी, जिस रेल अधिकारी ने ट्रेन रुकवा उस घाटे की रिकवरी रेल मंत्रालय को करनी चाहिए प्लेटफार्म में गाड़ी में बिना टिक चढ़ने वालो पर जुर्माना करने वाले रेल विभाग को रेल अफसर पर भी जुर्माना करके अपनी छवि साफ करनी चाहिए , और ट्रेन की लेट लतीफी के लिए जी एम को यात्रियों से माफी मांगनी चाहिए, हालांकि सीपीआरओ ने कहा है कि मामले की जांच की जा रही उसके बाद उचित कार्यवाई होगी ।

