बिलासपुर- संगीत साधना होती ये ईश्वर की कृपा पर ही बरसती है संगीत एक साधक कि ऋषि मुनि से कम नही होता ,संगीत जिनके रोम रोम में रम जाए ऐसे कलाकारों का योगदान हमेशा जीवित रहता है ,ऐसे कलाकारों से जब कोई कला प्रेमी मिलता है तो देखते रह जाता और सोचने लगता है भगवान ने क्या खूब कलाकार को क्या खूब दिया है ,ऐसे कलाकाल कभी मरते नही अपनी कला के कारण हमेशा अपने चाहने वालो के बीच रहते है स्पीकमेक के अजय श्रीवास्तव संतूर के साधक पंडित शिव कुमार शर्मा के साथ गुजारे पालो को लेकर अभिभूत है और ये स्वाभाविक है कि इतने बड़े कलाकार के साथ बिताया गया पल अजय को आल्हादित करता रहेगा अजय श्रीवास्तव ने जो स्मृति शेयर की है वाकई वो यादगार है,भारतिय संगीत छत्तीशगढ़ द्वारा आयोजित विरासत मे प. शिव कुमार शर्मा (संतूर)द्वारा प.रवि शंकर विश्वविद्यालय रायपुर में बिलासपुर से स्कूल के छात्र छात्रयो ने सव्यख्यान प्रस्तृती का लाभ लिया।डॉ अजय श्रीवास्तव, राज्य समंवयक ने उनके साथ बिताया हुए अविस्मरणीय पल को याद किया । और स्पिकमेकपरिवार की ओर से अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।भारतीय कला जगत ने एक और अमूल्य रत्न खो दिया। उनका व्यक्तित्व व कला के प्रति समर्पण हम कभी भूल नही सकते।

