
बिलासपुर हाईकोर्ट- एक नाबालिग लड़की के प्रेगनेंसी को टर्मिनेट करने हेतु छत्तीसगढ़ उच्च न्यायलय ने तुरंत संज्ञान लेते हुए कलेक्टर बिलासपुर , डीन सिम्स को आदेश दिया है। न्यायधिपति संजय के अग्रवाल के द्वारा मामले की गंभीरता को देखते हुए बलात्कार की पीड़ित नाबालिग लड़की के स्वास्थ की जांच हेतु सिम्स डीन को आदेश दिया है।साथ ही लड़की के रहने खाने सुरक्षा की व्यवस्था करने का आदेश कलेक्टर बिलासपुर को दिया है।मामले की 12 तारीख होगी। नाबालिग पीड़िता ने अधिवक्ता प्रतीक शर्मा, रजनी पांडेय, प्रकृति जैन, नीलेश भानुशाली के माध्यम से अपना प्रेगनेंसी टर्मिनेट करवाने हेतु उच्च न्यायालय में याचिका लगवाई है जिसमे टर्मिनेशन ऑफ प्रैगनैंसी अधिनियम की धारा 3 व नियम 9 के अनुरूप बलात्कार पीड़िता को प्रेगनेंसी टर्मिनेट कराने का अधिकार दिया गया है । उच्च न्यायालय ने विस्तृत आदेश भी ऐसे मामलों के संदर्भ में पारित किया है। जिसमे मेडिकल रिपोर्ट, पीड़िता के कंसेंट और मामले की परिस्थितियों व पीड़िता के सम्पूर्ण हित को ध्यान में रखकर उच्च न्यायालय आदेश द्वारा आदेश पारित किया जाता है।
