उच्च न्यायालय ने पुल निर्माण के विरूद्ध दायर जनहित याचिका में अंतरिम राहत देने से किया इंकार

” पुल निर्माण का रास्ता साफ”

बिलासपुर- उच्च न्यायालय में देवेश कुमार गुप्ता एवं अन्य द्वारा जनहित याचिका WPPIL No 53 / 2022 दायर की गई थी जिसमें यह मांग की गई थी कि सिन्दुर नदी के उपर तातापानी के कपिलपुर जाने के रास्ते जो पुल का निर्माण हो रहा है। उस पुल निर्माण के एकरूप मैप / योजना को परिवर्तित कर समीप के अन्य स्थान पर पुल निर्माण किया जाना नियम विरूद्ध है, साथ ही साथ जंगल और कृषि भूमि के नजदीक है।

पिछली सुनवाई के दौरान मुख्य न्यायाधीश के डिवीजन बेंच ने राज्य सरकार से पूछा था कि पुल निर्माण की जगह परिवर्तन करने का निर्णय क्यो और किस आधार पर लिया गया। माननीय उच्च न्यायालय के डिवीजन बेंच में सुनवाई करते हुए राज्य शासन की ओर से बताया गया है कि जिस स्थान पर पुल का निर्माण किया जा रहा है वह नदी ऊपर जब ऊँचाई के साथ निर्मित होगा तो उसमें बिजली का हाई एक्सटेंशन लाईन के नजदीक से होकर गुजरेगा। इसलिए राज्य सरकार ने स्टेट टेक्नीकल एजेंसी के अनुमोदन पर निर्माण स्थल परिवर्तित कर नजदीक के स्थल बनाया जा रहा है जो कि जनहित में है।

उभयपक्षों को सुनने के बाद डिवीजन बेंच ने अंतरिम आवेदन निर्माण पर रोक लगाने हेतु प्रस्तुत किये गये आवेदन को निरस्त करते हुए कहा कि पुल के निर्माण स्थल को परिवर्तन करने का निर्णय बहुत पहले लिया जा चुका है और निर्माण प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है जो कि जनहित के लिए है।

अतः याचिकाकर्ता को किसी प्रकार से अंतरिम राहत नहीं दी जा सकती है और उनके द्वारा दायर अंतरिम आवेदन को निरस्त किया जाता है।

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