बिलासपुर- हाईकोर्ट में चीफ जस्टिस अरूप गोस्वामी और जस्टिस गौतम चौरड़िया की खंडपीठ ने बिलासपुर और रायपुर स्मार्ट सिटी कंपनी के अधिवक्ता को यह निर्देश दिए कि, वह स्पष्ट रूप से यह बताएं कि कौन- कौन से ऐसे प्रोजेक्ट हैं या कार्य हैं जिनका वर्क आर्डर जारी किए जाने का स्टेज आ चुका है। हाईकोर्ट ने ये निर्देश कंपनियों के आवेदनों को देख कर दिए। जिसमें बहुत सारे प्रोजेक्ट और कार्य टेंडर स्टेज पर होना बताया गया है। खंडपीठ के अनुसार जिन कार्यों के टेंडर स्टेज हैं, उनका कार्य आदेश 31 मार्च तक कैसे जारी हो सकता है। इस पूरे मामले में जिन- जिन कार्यों का वर्क आर्डर जारी करने का स्टेज आ गया है केवल उन्हीं पर अनुमति देने के लिए विचार किया जाएगा। सोमवार 14 मार्च को कंपनियों के द्वारा यह जानकारी प्रस्तुत करने पर आगे हाईकोर्ट यह निर्णय लेगा कि यह कार्य नगर निगम की मेयर इन काउंसिल और सामान्य सभा की अनुमति से होंगे या ऐसे ही करने दिए जाएंगे। सुनवाई में याचिकाकर्ता की ओर से सुदीप श्रीवास्तव, स्मार्ट कंपनियों की तरफ से सुमेश बजाज, राज्य सरकार की ओर से हरप्रीत अहलूवालिया, केंद्र सरकार की ओर से रमाकांत मिश्रा उपस्थित हुए। इसके पहले मेयर इन काउंसिल और सामान्य सभा की ओर से अधिवक्ता गण अशोक वर्मा, हर्षवर्धन अग्रवाल और सुदीप अग्रवाल ने अपना पक्ष रखा। अगली सुनवाई 14 मार्च तय की गई है।
