बिलासपुर- मेसर्स एम एस पी स्टील पॉवर लिमिटेड ग्राम जामगांव रायगढ में क्षमता विस्तार के तहत प्रस्तावित डाई प्लांट ( स्पंज आयरन) की सीपना के लिए पर्यावरणीय स्वीकृति हेतु लोक सुनवाई दिनांक 17-11-2021 को निर्धारित की गई थी , जिसकी सुचना के संबंध में दैनिक समाचार पत्र इस्पात टाईम्स दिनांक 13-10-2021 प्रकाशित की गई याचिकाकर्ता रमेश अग्रवाल द्वारा दिनांक 26.10.2021 को एक जनहित याचिका उच्च न्यायालय के सम्मुख प्रस्तुत की गई याचिकाकर्ता के अनुसार Enviornment Impact Assessment Notification 2006 के प्रावधान के अनुसार जनसुनवाई की तिथि नहीं निर्धारित की गई है जो प्रतिवादी कलुषित मानसिकता को दर्शाता है . याचिकाकर्ता के द्वारा क्लॉज 7.1 का हवाला देते हुए यह कहा गया कि आवेदन 22.06.2021 को दी गई जिसकी जनसुनवाई प्रावधानानुसार 45 दिन के अंदर निर्धारित हो जानी चाहिए थी , याचिकाकर्ता द्धारा क्लॉज 7.2 की विवेचना की गई जिसके अनुसार केंद्र सरकार जनसुनवाई करवा सकती है अगर कैटेगरी ए प्रोजेक्ट हो और राज्य सरकार 45 दिन के अवधि के अंदर सुनवाई न करवा पाती हो . याचिका में छत्तीसगढ़ शासन छत्तीसगढ़ पर्यावरण मंडल केंद्र सरकार एवं मेसर्स एम एस पी स्टील एवं पॉवर लिमिटेड को प्रतिवादी बनाया गया । छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यह आपत्ति उठाई गई कि प्रस्तुत जनहित याचिका प्रचलन योग्य नहीं है , इस तरह के मामले में जनहित याचिका चलने योग्य नहीं मानी जा सकती छत्तीसगढ़ शासन द्वारा यह आधार पर लिया गया कि Enviornment Impact Assessment Notification 2006 के क्लॉज 3.3 के अनुसार यदि आकस्मिक कोई अप्रिय अथवा आपातकालीन स्थिति निर्मित होती है तो उपरोक्त कंडिका 7.1 के अनुसार समय अंतराल को बढ़ाया जा सकता है . बुधवार को याचिकाकर्ता की याचिका निरस्त कर दी गई . न्यायालय द्वारा कंडिका 3.3 के अभिकथनों को उद्धरित किया गया यही आधार किया गया . विदित हो कि याचिकाकर्ता द्वारा नियत तिथि 17-11-2021 के विरुद्ध दिनांक 26-10-2021 को याचिका लगाई गई जिसमें दिनांक 11-11-2021 का उच्च न्यायालय द्वारा स्थगन आदेश याचिकाकर्ता के पक्ष में पारित कर दिया था . छत्तीसगढ़ शासन की तरफ से श्रीमती मीना शास्त्री , अतिरिक्त महाधिवक्ता केंद्र शासन की ओर से रमाकांत मिश्रा सहित अन्य ने पैरवी किया ,मामले में फैसला मुख्य न्यायाधिपति अरूप कुमार गोस्वामी एवं एन , के , चंद्रवंशी की पीठ द्वारा फैसला दिया गया
