बिलासपुर- 12 नवंबर को ही ट्रेन पुराने टाइम टेबल और पुराने नंबर पर चलने का आदेश हो चुका टेंगनमारा खोंगसरा , खोडरी आदि स्टेशन पर १०० साल से रुकने वाली इंदौर बिलासपुर नर्मदा ट्रेन भी नहीं रुक रही रेलवे जोन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल ने करगी रोड कोटा जाकर वहां आन्दोलन रत नागरिक संघर्ष समिति के सद्स्सस्यों से मुलाकात की और रेलवे जोन महाप्रबंधक से मांग की कि सभी यात्री ट्रेन पुराने टाइम टेबल के हिसाब से सभी पूर्व निर्धारित स्टेशन पर रुकनी चाहिए . गौर तलब है कि करगी रोड कोटा में लम्बे समय से उत्कल , सारनाथ , अमरकंटक एक्सप्रेस आदि ट्रेनों के ठहराव के लिए आन्दोलन हो रहा है . यह सभी ट्रेन एहन कोरोना काल के पहले रुका करती थी और अब बिना कारण उसे बंद कर दिया गया है . बिलासपुर से कोटा गए रेलवे जोन संघर्ष समिति के प्रतिनिधिमंडल के सदस्य महेश दुबे टाटा , बद्री यादव और सुदीप श्रीवास्तव ने कोटा के साथियों को रेलवे बोर्ड के 12 नवम्बर के आदेश की प्रति उपलब्ध कराई जिसमें साफ़ साफ़ लिखा है की सभी ट्रेन अब स्पेशल ट्रेन की जगह पुराने नंबर और टाइम टेबल के हिसाब से चलेगी . इस पुराने टाइम टेबल में ये सभी ट्रेन करगी रोड स्टेशन पर रुका करती थी . बिलासपुर से गए साथियो ने बताया कि रेलवे अकेला संस्थान है जो यात्री ट्रेन चलता है और इंदौर बिलासपुर ट्रेन जो करीब १०० साल से तेगनमारा , खोंगसरा और खोडरी आदि स्टेशन पर रूकती थी आज नहीं रुक रही है करगी रोड पर रुकने वाली 18 ट्रेन में से केवल 2 लोकल ट्रेन ही रुक रही है . यह तानाशाही वाला फैसला दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे जोन ने किया है जबकि बोर्ड का आदेश ऐसा नहीं है : रेलवे जोन संघर्ष समिति ने संघर्ष समिति कोटा की लदान बंद करने के आन्दोलन का समर्थन किया है और कहा है कि यदि सभी ट्रेनों को कोरोना कॉल के पहले जैसे नहीं चलाया जाता तो बिलासपुर में भी आन्दोलन किया जाएगा और क्षेत्र के हर स्टेशन पर आन्दोलन का विस्तार किया जाएगा . जोन संघर्ष समिति ने कोरोना की आड़ में रेलवे को निजी हाथों में बेचने के षड्यंत्र के प्रति नागरिकों को आगाह किया और कहा की ट्रेनों का स्टॉपेज बंद करना पहला कदम है फॉर पूरी ट्रेन ही बंद की जायेगी .

