बिलासपुर- छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवा जो कस्बों देहातों से निकलकर अच्छे भविष्य की तलाश पर शहरों में बड़े बड़े व्यापारियों के यहां प्राइवेट नौकरी करते हैं। वह उनका जम के शोषण होता है एक तो उनको कम वेतन पर काम दिया जाता है। वह उनका शारीरिक मानसिक शोषण इन व्यापारियों के द्वारा किया जाता है। बेरोजगार युवा मजबूरी बस काम करने पर विवश है। छत्तीसगढ़ के बेरोजगार युवाओं के साथ जम के शोषण हो रहा है, जिसे देखने वाला कोई नहीं है। कल ही बिलासपुर में एक युवा अशोक नगर निवासी वीरेंद्र तिवारी उर्फ राजा अपने घर पर अपने दुकान मालिक नरेंद्र मंगवानी के प्रताड़ना शोषण से फांसी के फंदे पर झूल गया ऐसे कई उदाहरण हैं, जिस पर कानून का कोई पकड़ नहीं होने कारण छत्तीसगढ़िया बेरोजगार युवा आत्महत्या करने पर विवश है।अतः प्रशासन से इस केस पर युवा प्रदेश अध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज छत्तीसगढ़ सुभाष परते ने कड़ी से कड़ी कार्रवाई कर सजा दिलाने की प्रशासन से मांग की है। साथ ही प्रदेश के लेबर डिपार्टमेंट के सुस्त पड़े अधिकारी कर्मचारियों पर रोष व्याप्त किया एवं शासन प्रशासन द्वारा लेबर ला को पूरे प्रदेश में कड़ाई से लागू करा कर धरातल में काम कराने का आग्रह किया है। जिससे आम गरीब छत्तीसगढ़िया समाज के बेरोजगार युवा जन निजी दुकान मालिकों के ऐसे शोषण अत्याचार से बच सके। ऐसे मामलों को लेकर प्रदेश में बहुत आक्रोश व्याप्त हैं। साथ ही साथ शासन प्रशासन को समय-समय पर लेबर लॉ के हिसाब से निजी प्रतिष्ठानों, फैक्ट्रियों, सिक्योरिटी सर्विसेस में कार्यरत छत्तीसगढ़िया बेरोजगारो की जनसुनवाई भी प्रदेश में प्रत्येक जिले में आयोजित की जानी चाहिए जिससे उनके हित की रक्षा हो सके।प्रदेश में लेबर लॉ के तहत छत्तीसगढ़िया को मिले फैक्ट्रियों में ऑफिस में आरक्षण का भी खुलकर उल्लंघन किया जा रहा है। बाहरीयों को जमके नौकरी दिया जा रहा है और यहां के लोगों को काम नहीं मिल पा रहा है यह भी चिंता का विषय है।
