कोटा। राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समाज की दो बेटियों के अत्यधिक कुपोषित एवं बीमार होने की जानकारी सामने आने पर कोटा विधायक अटल श्रीवास्तव ने प्रशासन और सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। विधायक ने इस संबंध में कलेक्टर, बिलासपुर को पत्र लिखकर दोनों बालिकाओं के तत्काल उपचार, पोषण एवं आवश्यक शासकीय सहायता उपलब्ध कराने की मांग की है।
विधायक अटल श्रीवास्तव ने बताया कि विकासखंड कोटा के ग्राम उमरिया के चुनाखोदरा निवासी कु. अनीता पिता श्री संतराम, उम्र 18 वर्ष एवं कु. सरिता पिता श्री गंगा राम, उम्र 13 वर्ष अत्यधिक कुपोषित एवं बीमार हैं। दोनों बालिकाएं विशेष पिछड़ी जनजाति बैगा समुदाय से संबंधित हैं। उन्होंने कहा कि जिन बैगा आदिवासियों को राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र/पुत्री कहा जाता है, उनके परिवार आज भी कुपोषण, बीमारी, गरीबी और मूलभूत स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं। यह स्थिति सरकार के उन दावों पर गंभीर सवाल खड़े करती है, जिनमें आदिवासी एवं विशेष पिछड़ी जनजातियों के कल्याण को प्राथमिकता देने की बात कही जाती है।
*योजनाओं की भरमार, फिर बैगा बेटियां कुपोषित क्यों?*
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि सरकार द्वारा पीएम-जनमन मिशन, धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान, मुख्यमंत्री सुपोषण अभियान, आयुष्मान भारत योजना और मोबाइल मेडिकल यूनिट जैसी अनेक योजनाएं संचालित किए जाने के बावजूद यदि राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा समाज की बेटियां गंभीर कुपोषण और बीमारी से जूझ रही हैं, तो प्रशासनिक व्यवस्था की जमीनी हकीकत पर सवाल उठना स्वाभाविक है।
उन्होंने कहा कि केवल योजनाओं की घोषणा और आंकड़े जारी करने से बैगा समाज का कल्याण नहीं होगा। सरकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति और अंतिम परिवार तक पहुंचाना सरकार और प्रशासन की जिम्मेदारी है।
*तत्काल इलाज और विशेष सर्वे की मांग*
विधायक ने कलेक्टर से मांग की है कि दोनों बालिकाओं की तत्काल चिकित्सकीय जांच कराकर समुचित उपचार उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें पौष्टिक आहार, आवश्यक दवाइयां एवं अन्य शासकीय सहायता तत्काल उपलब्ध कराई जाए।
विधायक ने कोटा विधानसभा क्षेत्र के बैगा एवं अन्य विशेष पिछड़ी जनजाति बाहुल्य ग्रामों में विशेष स्वास्थ्य एवं पोषण सर्वे कराने, गंभीर रूप से बीमार एवं कुपोषित लोगों का चिन्हांकन करने तथा प्रत्येक पात्र परिवार को शासन की योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए विशेष अभियान चलाने की मांग की है।
*अटल श्रीवास्तव ने कहा—जिम्मेदारी तय हो*
अटल श्रीवास्तव ने कहा कि “राष्ट्रपति के दत्तक पुत्र कहे जाने वाले बैगा समाज की बेटियां यदि आज भी कुपोषण और बीमारी से जूझ रही हैं, तो यह केवल एक परिवार की समस्या नहीं, बल्कि पूरी व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है। सरकार को कागजों पर चल रही योजनाओं से बाहर निकलकर बैगा बस्तियों में जाकर वास्तविक स्थिति देखनी चाहिए और जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करनी चाहिए।”
उन्होंने कहा कि बैगा समाज के स्वास्थ्य, पोषण और मूलभूत सुविधाओं को लेकर प्रशासन द्वारा समयबद्ध एवं ठोस कार्रवाई सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी बैगा परिवार को इलाज और पोषण के अभाव में जीवन संकट का सामना न करना पड़े।