भारतीय संस्कृति, कला एवं विरासत को युवा पीढ़ी से जोड़ने के उद्देश्य से SPIC MACAY छत्तीसगढ़ चैप्टर द्वारा ‘सप्तरंग’ भारतीय शास्त्रीय कला महोत्सव का आयोजन किया जा रहा है।
यह आयोजन छत्तीसगढ़ की गौरवशाली लोक एवं सांस्कृतिक परंपरा की महान कलाकार पद्मश्री तीजन बाई जी को समर्पित है।
‘सप्तरंग’ का संदेश है—
“देखें नहीं… विरासत को जिएँ।”
इस महोत्सव के माध्यम से विद्यार्थियों एवं युवाओं को भारत की विविध शास्त्रीय नृत्य परंपराओं को प्रत्यक्ष देखने, कलाकारों से संवाद करने और भारतीय संस्कृति की गहराई को अनुभव करने का अवसर मिलेगा।
आठ नृत्य परंपराओं का रंगमय संगम
महोत्सव में देश की विभिन्न शास्त्रीय एवं पारंपरिक नृत्य शैलियों की प्रस्तुतियां होंगी, जिनमें—
भरतनाट्यम — शिवरंजनी हरीश
कथक — मऊमला नायक
ओडिसी — जान्हवी बेहेरा
कुचिपुड़ी — टी. लक्ष्मी रेड्डी
मणिपुरी — डॉ. मंजू एलांगबाम
मोहिनीअट्टम — मंजुला मूर्ति
गोटीपुआ — बी. साहू
कथकली — नंदकुमारन नायर
जैसे प्रतिष्ठित कलाकारों द्वारा प्रस्तुतियां दी जाएंगी।
बिलासपुर में विशेष आयोजन
‘सप्तरंग’ के अंतर्गत बिलासपुर में विभिन्न शिक्षण संस्थानों में भी कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। 18 सितम्बर को मंजुला मूर्ति द्वारा मोहिनीअट्टम की प्रस्तुतियां तथा 19 एवं 20 सितम्बर को शिवरंजनी हरीश द्वारा भरतनाट्यम की प्रस्तुतियां निर्धारित हैं। इसके अतिरिक्त अन्य नृत्य शैलियों के कार्यक्रम भी विभिन्न विद्यालयों एवं महाविद्यालयों में आयोजित होंगे।
इन कार्यक्रमों में बड़ी संख्या में स्कूल एवं कॉलेज के विद्यार्थी, शिक्षक तथा कला एवं संस्कृति प्रेमी भाग लेंगे।
युवाओं को विरासत से जोड़ने का प्रयास
SPIC MACAY का उद्देश्य केवल मंच पर प्रस्तुति कराना नहीं, बल्कि कलाकारों और विद्यार्थियों के बीच सीधा संवाद एवं सांस्कृतिक अनुभव स्थापित करना है। कलाकारों के साथ बातचीत, कला की पृष्ठभूमि और भारतीय परंपराओं की जानकारी के माध्यम से विद्यार्थियों को अपनी जड़ों से जुड़ने का अवसर मिलेगा।
SPIC MACAY छत्तीसगढ़ चैप्टर के समन्वयक डॉ. अजय श्रीवास्तव ने कहा कि “सप्तरंग भारतीय संस्कृति की विविधता में एकता का उत्सव है। इसे पद्मश्री तीजन बाई जी को समर्पित करना छत्तीसगढ़ की अपनी महान सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान का प्रतीक है। हमारा प्रयास है कि नई पीढ़ी भारतीय कला को केवल पुस्तकों में न पढ़े, बल्कि उसे कलाकारों के माध्यम से प्रत्यक्ष अनुभव करे।”
‘सप्तरंग’ का मूल संदेश है— कला से जुड़ें, विरासत को जानें और संस्कृति को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाएं।
आयोजन
बिरला ओपन माइंड ,आधारशिला सैनिक स्कूल,जैन इंटरनेशनल स्कूल,अरपा वैली स्कूल,सीवी रमन यूनिवर्सिटी,सीएमडी कॉलेज,इंदरगांधी यूनिवर्सिटी अमरकंटक,बी एल टी कॉलेज रतनपुर,भातखंडे संगीत महाविद्यालय,प्रयास विद्यालय,आत्मानंद स्कूल रतनपुर,जिंदल वर्ल्ड स्कूल सकती ,एनटीपीसी लारा साथ ही रायपुर के विभिन्न स्कूल कॉलेज मैं लगभग 70 कार्यक्रम 15 से 27 sept के बीच आयोजित होगें