राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में सामाजिक भवन की मांग को लेकर मुस्लिम मनिहार जमात छत्तीसगढ़ ने उठाई आवाज
प्रदेश अध्यक्ष वसीम चौधरी के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से समाज हित में शीघ्र निर्णय लेने की मांग
*बिलासपुर/रायपुर।*
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में मुस्लिम मनिहार जमात समाज के लिए सामाजिक भवन की लंबे समय से चली आ रही मांग को लेकर समाज ने एक बार फिर अपनी आवाज़ बुलंद की है।
मुस्लिम मनिहार जमात छत्तीसगढ़ के प्रदेश अध्यक्ष वसीम चौधरी के नेतृत्व में समाज के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य सरकार के समक्ष ज्ञापन प्रस्तुत कर समाज के लिए स्थायी सामाजिक भवन हेतु भूमि आवंटन एवं लंबित मांगों के शीघ्र निराकरण की मांग की है।
समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि मुस्लिम मनिहार जमात छत्तीसगढ़ में वर्षों से सामाजिक, सांस्कृतिक और आर्थिक योगदान देता आ रहा है। समाज के हजारों परिवार प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों में निवास करते हैं, लेकिन आज भी समाज के पास ऐसा कोई स्थायी सामाजिक भवन उपलब्ध नहीं है, जहां विवाह, शैक्षणिक कार्यक्रम, सामाजिक बैठकें और समाज कल्याण से जुड़े आयोजन गरिमापूर्ण तरीके से किए जा सकें।
राजधानी रायपुर में सामाजिक भवन के लिए भूमि आवंटन की मांग लंबे समय से लंबित है। वहीं न्यायधानी बिलासपुर में भी समाज को आवंटित भूमि की प्रक्रिया पूरी कर सामाजिक भवन निर्माण का मार्ग प्रशस्त करने की मांग की गई है।
समाज का कहना है कि सामाजिक भवन केवल एक इमारत नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए शिक्षा, संस्कार, एकता और सामाजिक विकास का केंद्र होगा। यह भवन समाज के जरूरतमंद परिवारों, युवाओं और विद्यार्थियों के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
इसके साथ ही मुस्लिम मनिहार समाज ने OBC जाति प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को सरल करने की मांग भी रखी है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि शासन द्वारा पिछड़ा वर्ग में शामिल होने के बावजूद प्रमाण पत्र बनाने की जटिल प्रक्रिया के कारण समाज के अनेक लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
प्रदेश अध्यक्ष वसीम चौधरी ने कहा कि समाज की मांग किसी एक व्यक्ति या संगठन की मांग नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के भविष्य और सामाजिक विकास से जुड़ा विषय है। सरकार से अपेक्षा है कि समाज की वर्षों पुरानी मांगों पर संवेदनशीलता के साथ विचार कर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाएगा।
मुस्लिम मनिहार जमात छत्तीसगढ़ ने विश्वास जताया है कि राज्य सरकार समाज की भावनाओं को समझते हुए राजधानी रायपुर और न्यायधानी बिलासपुर में सामाजिक भवन हेतु आवश्यक कदम उठाएगी, जिससे समाज को अपनी सामाजिक गतिविधियों के लिए एक स्थायी मंच मिल सके।