*खाद्य कारोबारकर्ताओं को निर्देश, नियमों का उल्लंघन करने पर होगी कड़ी कार्रवाई*
बिलासपुर, 1 अगस्त 2026/ राज्य शासन ने उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा और खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से नकली पनीर एवं अन्य गैर-दूध उत्पादों, जो पनीर, क्रीम, मक्खन अथवा अन्य दुग्ध उत्पादों की नकल कर बाजार में बेचे जाते हैं, के निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर तत्काल प्रभाव से संपूर्ण छत्तीसगढ़ में प्रतिबंध लगा दिया है।
आयुक्त, खाद्य सुरक्षा, छत्तीसगढ़ द्वारा खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 की धारा 18 एवं धारा 30 के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए यह आदेश जारी किया गया है। आदेश के अनुसार ऐसे सभी उत्पाद, जो वास्तविक दुग्ध उत्पादों के नाम या स्वरूप का अनुकरण कर उपभोक्ताओं को भ्रमित करते हैं, अब राज्य में प्रतिबंधित रहेंगे।खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग बिलासपुर ने जिले के सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं, जिनमें निर्माता फर्म, डेयरी इकाइयाँ, होटल, रेस्टोरेंट, थोक एवं फुटकर विक्रेता शामिल हैं, को निर्देशित किया है कि वे ऐसे प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, प्रसंस्करण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय तत्काल बंद करना सुनिश्चित करें। साथ ही, जिन निर्माता फर्मों के लाइसेंस में ऐसे उत्पाद अंकित हैं, उन्हें आवश्यक संशोधन कराते हुए नियमानुसार अनुपालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
विभाग द्वारा शीघ्र ही राज्यभर में विशेष सघन जांच अभियान चलाया जाएगा। जांच के दौरान प्रतिबंधित उत्पादों का निर्माण, भंडारण अथवा विक्रय करते पाए जाने पर संबंधित व्यक्तियों एवं संस्थानों के विरुद्ध खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के प्रावधानों के तहत कड़ी वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने सभी खाद्य कारोबारकर्ताओं से शासन के निर्देशों का पालन करने तथा उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों की रक्षा में सहयोग करने की अपील की है।