ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगरी मल्हार की मुख्य सड़क (बस स्टैंड से माँ डिडनेश्वरी मंदिर तक) का चौड़ीकरण, उच्च गुणवत्ता के साथ पुनर्निर्माण एवं जल निकासी व्यवस्था नहीं
बिलासपुर , मल्हार के नागरिको ,व्यापारीगण एवं श्रद्धालुगण, नगर पंचायत मल्हार की ओर से आपके समक्ष यह जनहित में मंदिर की मुख्य सड़क बनाने की मांग कलेक्टर से की है, मल्हार छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि संपूर्ण भारत की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पुरातात्विक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण नगरी है। यह नगर प्राचीन दक्षिण कोसल की सांस्कृतिक विरासत का प्रमुख केंद्र रहा है। यहाँ स्थित माँ डिडनेश्वरी मंदिर, पातालेश्वर महादेव मंदिर देउर मंदिर, प्राचीन मंदिर समूह तथा भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित पुरातात्विक धरोहरें एवं संग्रहालय देश-विदेश के श्रद्धालुओं. पर्यटकों, शोधार्थियों एवं इतिहासकारों के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र हैं। विशेष रूप से चैत्र एवं शारदीय नवरात्रि, महाशिवरात्रि तथा सावन के पावन माह में प्रतिदिन हजारों श्रद्धालु भगवान शिव एवं माँ डिडनेश्वरी के दर्शन हेतु मल्हार पहुँचते हैं। इन अवसरों पर नगर में श्रद्धालुओं एवं वाहनों की संख्या कई गुना बढ़ जाती है। वर्षभर भी देश-विदेश से आने वाले पर्यटक एवं शोधार्थी मल्हार की ऐतिहासिक एवं धार्मिक धरोहरों के दर्शन एवं अध्ययन हेतु यहाँ आते हैं। किन्तु अत्यंत दुःख एवं चिंता का विषय है कि बस स्टैंड से माँ डिडनेश्वरी मंदिर तक जाने वाली मुख्य सड़क, जो नगर की जीवनरेखा एवं प्रमुख धार्मिक मार्ग है. वर्षों से अत्यंत संकरी, जर्जर एवं गड्ढों से युक्त है। वर्षा ऋतु में सड़क पर जलभराव एवं कीचड़ की स्थिति बन जाती है, जिससे श्रद्धालुओं पर्यटकों, स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों, विद्यार्थियों, महिलाओं. बुजुर्गों तथा आपातकालीन सेवाओं को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। यह स्थिति मल्हार जैसे ऐतिहासिक एवं धार्मिक नगर की गरिमा के अनुरूप नहीं है तथा प्रदेश की छवि पर भी प्रतिकूल प्रभाव डालती है। महोदय, विगत कई वर्षों से सड़क चौड़ीकरण की मांग को लेकर नगरवासियों द्वारा सैकड़ों आवेदन, ज्ञापन एवं निवेदन जिला प्रशासन, लोक निर्माण विभाग एवं जनप्रतिनिधियों को सौंपे जा चुके हैं. किन्तु आज दिनांक तक सड़क चौड़ीकरण एवं स्थायी निर्माण की दिशा में कोई ठोस एवं प्रभावी कदम नहीं उठाया गया है। परिणामस्वरूप प्रत्येक वर्ष वर्षा ऋतु एवं धार्मिक आयोजनों के दौरान आमजन एवं श्रद्धालुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। नगरवासियों में इस विषय को लेकर गहरा असंतोष व्याप्त है।