बिलासपुर, सामाजिक कार्यकर्ता पद्मश्री प्राप्त फूलबासन का कहना कि कोई सरकार जनता जनता के लिए कुछ नहीं करेगी खुद को जागरूक होना पड़ेगा मैं सबको जागरूक करती मेरा अभियान है वोट मांगने वाला नहीं वोट देने वाला बड़ा होता है लेकिन वोट देने वाला न्याय के लिए भटकता है है मै कई मंचों पर बात कह चुकी लेकिन न्याय नहीं मिलता, लोगो को संगठित होना पड़ेगा, पांचवीं तक पढ़ी फूलबासन 16, राज्यों के आईआईएम, आई आई टी के बोर्ड की सदस्य है यहां के छात्रों को फूलबासन से पढ़ने आते है अपनेर काम के दम पर आठ लाख महिलाओं को फूलबासन ने जोड़ा रखा है, छत्तीसगढ़ में अपनी संगठना क्षमता को और बढ़ाना चाहती है ताकि सरकार के गलत कामों का विरोध हो सके , फूल बासन नशे के खिलाफ एक बड़ा आन्दोलन खड़ा करना चाहती लेकिन अभी संगठन की ताकत कमजोर है उसे बढ़ा कर वो ऐसा करना चाहती है कि उनके आंदोलन से हर सड़क ब्लाक हो जाए। राजनीति में जाना नहीं चाहती क्योंकि उनका मानना है कि इससे वो बँध जायेंगी और दबाव में काम करना पड़ेगा , अभी वो हर गलत काम के खिलाफ खड़ी हो जाती है, उनकी संस्था में पैसे उससे वो महिलाओं को आत्म निर्भर बनाना चाहती है , कोई सरकार कभी भी आत्मनिर्भर नहीं बना सकती खुद मेहनत करना होगा, मेरे काम का मेरे ही समाज घर में विरोध होता था गाली पड़ती थी आज वही लोग ताली बजाते है। फूलबासन का कहना है उनकी संस्था बिना पद लालसा के काम करती है अगर कोई महिला सदस्य लालसा करती है तो वो उसे हटा देती है , हमारी सांथा केवल कर्म करना चाहती और अपने काम से सहि व्यवस्था लाना चाहती है राजनीतिe अच्छे लोगो को आना, लालच हम खुद राजनीति को खराब कर रहे है , देनेवाले देते है लेकिन हमको उससे बचना है। प्रेस क्लब में बिलासा कला मंच द्वारा फूल बासन को आमंत्रित किया गया था जिसमें उन्होंने लोगो के सवालों का जवाब दिया, फूलबासन राजनीति में नहीं जाना चाहती लेकि बिलासा कला मंच के सोमनाथ ने उनको राज्यसभा में भेजने को मांग की।