जिला ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री पीछे, पुराने जिला अध्यक्ष ने सुशासन शिविर में खाद, पानी बिजली सड़क को लेकर दिया ज्ञापन।

सुशासन तिहार में बेलतरा की जनता ने सुनाई अपनी पीड़ा

पानी, सड़क, खाद, बिजली और किसानों के अधिकारों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन, जिला प्रशासन को सौंपा 15 सूत्रीय ज्ञापन

नगोई (बेलतरा विधानसभा), बिलासपुर।

प्रदेश सरकार द्वारा पूरे प्रदेश में “सुशासन तिहार” मनाकर सुशासन और विकास के दावे किए जा रहे हैं, लेकिन बेलतरा विधानसभा की जमीनी हकीकत इन दावों से बिल्कुल अलग तस्वीर पेश कर रही है। गांवों में पेयजल संकट गहराता जा रहा है, किसान खाद और बीज के लिए भटक रहे हैं, सड़कें बदहाल हैं, बिजली व्यवस्था चरमराई हुई है और विकास की कई योजनाएं केवल कागजों तक सीमित दिखाई दे रही हैं।

इन्हीं जनसमस्याओं और जनता की पीड़ा को लेकर आज ग्राम नगोई में आयोजित सुशासन तिहार कार्यक्रम में पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष एवं बेलतरा विधानसभा के पूर्व विधायक प्रत्याशी विजय केशरवानी के नेतृत्व में ब्लॉक कांग्रेस, कांग्रेस जनप्रतिनिधियों, पंचायत प्रतिनिधियों तथा बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने प्रदर्शन कर जिला प्रशासन को 15 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा।

ज्ञापन में कहा गया कि जिन योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीणों का जीवन आसान बनाना था, वे कई स्थानों पर अधूरी और निष्प्रभावी साबित हो रही हैं। करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई पानी की टंकियां आज भी खाली खड़ी हैं। जिन घरों तक नल से जल पहुंचाने का सपना दिखाया गया था, वहां आज भी महिलाएं सिर पर घड़े रखकर पानी की तलाश में भटकने को मजबूर हैं। किसान खेती छोड़ खाद की लाइन में खड़े हैं और गांवों की सड़कें विकास की नहीं बल्कि उपेक्षा की कहानी बयां कर रही हैं।

ज्ञापन की प्रमुख मांगें

1. बेलतरा विधानसभा के सभी गांवों में नियमित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाए तथा बंद पड़ी जल योजनाओं को तत्काल चालू किया जाए।

2. खूँटाघाट बड़ी नहर एवं छोटी नहर मार्ग का तत्काल पुनर्निर्माण एवं सुदृढ़ीकरण किया जाए।

3. किसानों को पर्याप्त मात्रा में खाद एवं बीज उपलब्ध कराकर कालाबाजारी पर रोक लगाई जाए।

4. बिजली कटौती एवं लो-वोल्टेज की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए।

5. ग्राम पंचायतों को विकास कार्यों हेतु पर्याप्त निधि उपलब्ध कराई जाए।

6. पंचायतों के साथ राजनीतिक आधार पर किसी प्रकार का भेदभाव न किया जाए।

7. खराब एवं कम क्षमता वाले ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए।

8. स्वास्थ्य केंद्रों में डॉक्टर, स्टाफ एवं दवाइयों की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।

9. आवारा पशुओं से किसानों की फसलों की सुरक्षा के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाई जाए।

10. लंबित राजस्व प्रकरणों का समय-सीमा में निराकरण किया जाए।

11. युवाओं के लिए रोजगार एवं कौशल विकास कार्यक्रम संचालित किए जाएं।

12. गरीब एवं पात्र परिवारों को शीघ्र शासकीय आवास उपलब्ध कराया जाए।

13. अवैध रेत एवं मुरुम उत्खनन पर रोक लगाकर दोषियों पर कठोर कार्रवाई की जाए।

14. अवैध प्लॉटिंग एवं भू-माफियाओं के विरुद्ध विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए।

15. बैमा ग्राम पंचायत में निर्माणाधीन केंद्रीय जेल के कारण प्रभावित ग्राम खपराखोल के ग्रामीणों के लिए वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की जाए तथा लगभग 50 एकड़ प्रभावित कृषि भूमि के किसानों के हितों की रक्षा सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर विजय केशरवानी ने कहा कि बेलतरा विधानसभा की जनता किसी विशेष सुविधा की नहीं, बल्कि अपने बुनियादी अधिकारों की मांग कर रही है। यदि गांवों में पानी नहीं, किसानों को खाद नहीं, युवाओं को रोजगार नहीं और सड़कों पर विकास नहीं दिखाई देता, तो सुशासन के दावे केवल मंचों तक सीमित होकर रह जाते हैं।

उन्होंने कहा कि बेलतरा की जनता वर्षों से धैर्य के साथ अपनी समस्याओं के समाधान की प्रतीक्षा कर रही है, लेकिन आज भी ग्रामीणों को पानी के लिए भटकना पड़ रहा है, किसान खाद के लिए परेशान हैं और कई गांव बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। प्रशासन को इन मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई करनी चाहिए, अन्यथा कांग्रेस पार्टी और क्षेत्र की जनता व्यापक जनआंदोलन के लिए बाध्य होगी।

“जब गांव की टंकी सूखी हो, किसान खाद के लिए भटक रहा हो, सड़कें गड्ढों में तब्दील हो जाएं और जनता अपनी ही समस्याओं को लेकर प्रशासन के सामने गुहार लगाने मजबूर हो, तब सुशासन के दावों से अधिक जनता का दर्द दिखाई देता है। बेलतरा की जनता आज उपकार नहीं, अपने अधिकार मांग रही है।”

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