भाजपा ने महिलाओं को ठगा, महिला आरक्षण बिल लाया ही नहीं, वरना कांग्रेस समर्थन करती जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा, महेंद्र गंगोत्री।

बिलासपुर, महिला आरक्षण बिल को लेकर कांग्रेस के जिला अध्यक्ष सिद्धांशु मिश्रा और ग्रामीण अध्यक्ष महेंद्र गंगोत्री ने संयुक्त प्रेस वार्ता में कहा कि भाजपा महिला आरक्षण बिल लाना नहीं चाहती, भाजपा ओ केवल राजनीति करना है महिला बिल के बहाने पुरानी जनगणना पर परिसीमन लाई थी कांग्रेस ने परिसीमन का विरोध किया है महिला आरक्षण बिल तो पहले से कांग्रेस ने लाया 2023 में उसको पास करने की बजाय परिसीमन का बिल ला लिया, जिसका कांग्रेस ने विरोध किया है,बीजेपी महिला हितैषी है तो अभी महिला प्रधानमंत्री लाए आर एस एस महिला संघ प्रमुख बैठाए , बीजेपी में महिला आरक्षण बिल लागू करे जबकि कांग्रेस ने तो महिला प्रधानमंत्री, महिला सीएम महिला स्पीकर, महिला जज कांग्रेस ने ही दिया पंचायत में महिलाओं को आरक्षण कांग्रेस ने ही दिया बीजेपी को महिलाओं की कोई चिंता नहीं केवल राजनीति करना है। कांग्रेस इसका विरोध करती है और सड़क का आंदोलन करेगी।

भाजपा महिला आरक्षण नहीं, परिसीमन बिल पास कराना चाह रही थी काग्रेस कांग्रेस महिला आरक्षपा के समर्थन में थी और है

भाजपा द्वारा महिला आरक्षण को लेकर लगातार भ्रम फैलाया जा रहा कि कांग्रेस और विपक्षी दलों ने महिला आरक्षण बिल का समर्थन नहीं किया, इसलिए संसद में बिल पास नहीं हो सका।

> भारतीय जनता पार्टी झूठ बोल रही है, महिला आरक्षण बिल (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023) 128वां संविधान संशोधन 2023 में संसद के दोनों सदनों में पारित हो चुका है तथा राष्ट्रपति द्रोपदी मुर्मू इस पर हस्ताक्षर कर चुकी है तथा यह कानून भी बन चुकी है।

> भाजपा ने 16 अप्रैल 2026 को जो विधेयक संसद में प्रस्तुत किया 131वां संविधान संशोधन अधिनियम इसमें महिला आरक्षण के संदर्भ में नहीं भाजपा महिला आरक्षण को मुखौटा बनाकर परिसीमन संशोधन बिल तथा केंद्र शासित प्रदेश कानून संशोधन बिल को पास करवाना चाहती थी।

सरकार ने 131वां संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में प्रस्तुत किया

 1. संसद में जो विधेयक गिरा उसमें इस विधेयक में लोकसभा परिसीमन की सीटें 850 करने का प्रस्ताव था राज्यों में 815 सीटें तथा केंद्र शासित प्रदेशों में 35 सीटें ।

2. परिसीमन विधेयक- जिसमें परिसीमन के लिये 2011 की जनगणना को आधार बनाने की बात की गयी थी।

3. विधेयक में पांडुचेरी, दिल्ली, जम्मू-कश्मीर के कानूनों में संशोधन की बात की गयी थी ताकि परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक लागू किया जा सके।

यह विधेयक इसलिए गिरा

* भाजपा सरकार का परिसीमन बिल प्रदेश के अन्य राज्यों को आपत्ति थी, भाजपा आरक्षण सामने रख कर परिसीमन बिल पास करना चाहती है।

* भाजपा 2011 के जनगणना को आधार मान कर परिसीमन करना चाहती है।

* जब 2026-27 की जनगणना शुरू है तथा सरकार जाति जनगणना की भी बात कर चुकी है तो जनगणना के बाद आये नये आंकड़ों के आधार पर परिसीमन क्यों नहीं कराया जा रहा?

* महिला आरक्षण बिल को यदि तुरंत लागू करना है तो परिसीमन का इंतजार किये बिना वर्तमान सदस्य संख्या में ही 33 प्रतिशत का आरक्षण क्यों नहीं देना चाहती सरकार? कांग्रेस सहित समी विपक्षी दल इसके लिए तैयार है।

* सरकार 2023 के महिला आरक्षण बिल नारी शक्ति वंदन अधिनियम में संशोधन कर महिला आरक्षण को तुरंत लागू कर सकती थी उसने ऐसा क्यों नहीं किया?

* जबकि नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2023 जो कानून बन चुका है 2036 से मूर्त रूप लेगा संशोधन से तुरंत लागू हो जाता।

* भाजपा की मंशा महिला आरक्षण की नहीं अपने मनमुताबिक सीटों के परिसीमन की थी जो विपक्षी दलों की एक जुटता से पूरा नहीं हो चुका।

कांग्रेस महिला आरक्षण की प्रबल समर्थक

पंचायतों एवं स्थानीय निकायों में महिलाओं को आरक्षण मिल रहा तो यह भी कांग्रेस की नीतियों से संभव हो पाया। सबसे पहले राजीव गांधी ने 1989 के मई महीने में पंचायतों और नगर पाचिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक पेश किया। वह विधेयक लोकसभा में पारित हो गया था लेकिन सितंबर 1989 में राज्यसभा में पास नहीं हो सका औल 1993 में तत्कालीन प्रधानमंत्री पीवी नरसिम्हा राव ने पंचायतों और नगर पालिकाओं में महिलाओं के एक तिहाई आरक्षण के लिए संविधान संशोधन विधेयक को फिर से पेश किया। दोनों विधेयक पारित हुए और कानून बन गए। महिलाओं के लिए संसद और राज्यों की विधानसभाओं में एक तिहाई आरक्षण के लिए तत्कालीन प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह संविधान संशोधन विधेयक लाए। विधेयक 9 मार्च 2010 को राज्यसभा में पारित हुआ। कांग्रेस की सरकारों के प्रयास से ही आज देशभर में पंचायतों और नगर पालिकाओं में 15 लाख से अधिक निर्वाचित महिला प्रतिनिधि हैं।

सीटों के परिसीमन का भाजपा का षड़यंत्र विफल हो गया है, अतः वह महिला आरक्षण के नाम पर पूरे देश में भ्रम फैला रही है।

पूर्व अध्यक्ष प्रमोद नायक ने कहा कि कांग्रेस भ्रम फैला रही है , पुरानी जनगणना पर परिसीमन कराना चाहती है महिला आरक्षण से मतलब नहीं है इसका लाभ वास्तव में महिलाओं को नहीं मिलेगा कांग्रेस इसका विरोध करेगी लोगो के पास जाकर भाजपा की असलियत को बताएगी। कांग्रेस जनता के लिए ईमानदारी से काम करती है जनता को छलने का काम नहीं करती।

पूर्व विधायक ने कहा कि बिल पासर नहीं हुआ तो बीजेपी ने बैनरपोस्टर क्यों शहर में लगा रखे है इनको माताओं बहनों से कोई लगाव नहीं ही इसलिए ये महिला बिल पास नहीं करना चाहते बदलेर परिसीमन ला कर महिलाओं के साथ छल कर रहे है।

पूर्व अध्यक्ष विजय केहरवानी ने कहा कि बीजेपी ने महिलाओं को ठगा है उनके लिए अगर सम्मान है तो अपनी पार्टी में महिला आरक्षण बिल लागू करे और उनको राहत

प्रेस वार्ता में विजय पांडे, रामशरण यादव, राजेंद्र शुक्ला पिंकी बत्रा, सीमा घृतेश , प्रीति पाटनवार, सीमा पांडे ,सुभाष ठाकुर रविंद सिंह, सहित कांग्रेस नेता मौजूद थे।

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