बिलासपुर, गरीब परिवार की 13महिलाओं की नसबंदी से मौत हुई और डॉक्टर आर के गुप्ता को दो साल की सजा हुई बाकी कविता फार्मास्युटिकल के राजेश खरे, राकेश खरे , महावरफरमा के रमेश महावर , सुमित महावार, कलेक्टर, सीएमएचओ सब बच गए उस समय सब बड़ी बड़ी बात कर रहे थे नेता अधिकारी घटना को छिपाने में लगे थे , लोगो को बहुत हमदर्दी थी राजनीति भी बहुत हुई लेकिन गरीबों की मौत देने वाले तत्कालीन प्रशासन को क्या मिला , 12साल बाद डॉक्टर को मात्र दो साल की सजा ,और कलेक्टर सीएमएचओ, फार्मा कम्पनी के दोषी बारी हो गए, गरीबों को न्याय नहीं मिला परिवार जिनका तबाह हो गया जिनकी दुनिया उजड़ गई उनके आरोपियों को सजा ही नहीं मिली , प्रशासनिक गैरजिम्मेदारी पर किसी को सजा नहीं हुई। दोषी तो वो गरीब ही लग रहे जो नसबंदी कराने गए थे, जिले के इतने बड़े घटना में फार्मा कंपनी और कलेक्ट को बरी हो जाने की वजह गरीबी है। लोगो ऐसी चर्च कर रहे है।
