
बिलासपुर,के पूर्व महापौर स्वर्गीय अशोक पिंगले एक अच्छे और अभी तक केईमानदार महापौर रहे , उनके काम करने का तरीका ही अलग था , शाम पांच बजे सरकारी गाड़ी छोड़कर अपनी लूना या फिर काइनेटिक होंडा में शाम को निकलते थे , बेल्ट में छोटा मोबाइल लगाए निकल पड़ते थे , कार में चलते तो अपने लोगो का हाथ निकाल कर अभिवादन करने की आदत थी , अशोक पिंग ले पैसे के लोभी नहीं थे जनता के लिए काम करने वाले नेता थे , काम के तनाव में उनकी तबीयत बिगड़ी और अपोलो अस्पताल उनका आखरी ठिकाना बन गया , मुझे एक भाजपा पार्षद के कार्यालय में स्वर्गीय अशोक पिंगले की फ्रेम की हुई फोटो देखने को मिली, बड़ा आश्चर्ये लगा क्यों ऐसे किसी भाजप पार्षद के कार्यालय में देखने को नहीं मिला, अच्छा भी लगा कि एक ईमानदार नेता को किसी ने तो जगह दी उनका सम्मान किया , ये पार्षद छह बार के सीनियर पार्षद महेश चंद्रिकपुरे के कार्यालय में देखने को मिला , देख के लगा आज भी ईमानदारी का सम्मान होता है और वो भी दिल से देख कर अच्छा लगा।
