
बिलासपुर,यह ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली की सामान्य परिचालन है। इस प्रणाली में प्रत्येक किलोमीटर की दूरी पर सिग्नल लगाए जाते हैं, जिसमें हर सिग्नल के बाद दूसरी ट्रेन चल सकती है । मालगाड़ी और यात्री गाड़ियों के लिए अलग – अलग ट्रैक नहीं होती है, दोनों एक ही ट्रैक पर चलती है और एक दूसरे के पीछे चलाई जाती है । रेलवे की ऑटोमैटिक सिग्नलिंग प्रणाली एक सुरक्षित कार्यप्रणाली है, और इस रेलखंड में 2023 से लागू है । अतः ऐसे भ्रामक समाचारों पर ध्यान न दें और अफवाहों से बचें और इस प्रकार की भ्रामक खबरों को चलाने और फॉरवर्ड करने से भी बचें ।
दिनांक 04 नवम्बर, 2025 को बिलासपुर एवं गतौरा के मध्य हुई घटना की जांच हेतु रेलवे सुरक्षा आयुक्त (Commissioner of Railway Safety – CRS) द्वारा जांच की जा रही है ।
यह सीआरएस जांच आज दिनांक 06 नवम्बर एवं कल 07 नवम्बर, 2025 को आयोजित की गई है । जांच के उपरांत सीआरएस द्वारा विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत की जाएग़ी।
