
बिलासपुर, नगर निगम में बिना वर्क ऑर्डर जारी किए काम शुरू कर ठेका लेने का खेल चल रहा है , जो ठेकदार सेटिंग्स से काम लेता है वो दूसरे ठेकदार को टेंडर डालने से मना करता है , जेल रोड में 21लाख में मूर्ति लगाने का टेंडर का वर्क ऑर्डर जारी हुआ नहीं ठेकदार ने काम शुरू कर दिया , दर असल सेटिंग करके ठेकदार पहले दो चार ईट लगा देता है फिर अधिकारी कमिश्नर को बताते है कि ठेकदार ने काम शुरू कर दिया फिर वही ठेकदार को अधिकारी काम दिला देता है, बाकी ठेकदार मुंह देखते है ,कोई बोल ने वाला नहीं कुछ ठेकदार नेताओं के चाहते कुछ केवल अधिकारी से सेटिंग करके काम कर रहे है, भारती नगर में भी ठेकदार दूसरे को टेंडर डालने से मना किया , निगम कमिश्नर को अपने नीचे हों रहे काले पीले का पता नहीं है नगरी प्रशासन मंत्री शहर में रहते है लेकिन निगम के अधिकारियों को भय नहीं है जबकि नगरी प्रशासन मंत्री लगातार पारदर्शिता से काम करने की बात कहते है निगम अधिकारी अपने मंत्री का भी सम्मान नहीं कर रहे निर्देश का पालन नहीं कर रहे है, टेंडर डालते साथ काम शुरू हो रहा है ऐसे अधिकारी सरकार को बदनाम करने का काम कर रहे है, आदिवासी मुख्यमंत्री की सरकार को बदनाम करने का काम ऐसे अधिकारी कर रहे है, एक अधिकारी ने बताया कि कुछ अधिकारी सरकार के लिए नहीं ठेकदार के लिए काम कर रहे है।
इधर इस मामले में जोन कमिश्नर प्रवीण शुक्ला का कहना है कि जोनल टेंडर तीस लाख का है उसमें मर्ज करके काम दिया गया है
