
बिलासपुर,असामाजिक तत्वों के विरूध्द कड़ी कार्यवाही एवं राजस्व न्यायालयों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने बाबत् ।
बिलासपुर 08.07.2024 को अनुविभाग महासमुंद अंतर्गत, उप तहसील न्यायालय झलप में पीठासीन अधिकारी युवराज साहू, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालन दंडाधिकारी के न्यायालय में न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान बिना किसी कारण के असामाजिक तत्व/आरोपी कुलप्रीत सिंह द्वारा न्यायालय में बालात प्रवेश कर आतंक मचाते हुए पीठासीन अधिकारी एवं कार्यपालन दंडाधिकारी के साथ मारपीट किया गया है, जिसके विरूध्द संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराये जाने पर उक्त आरोपी के विरूध्द कानूनी कार्यवाही किया गया है, जिसके बाद भी आरोपी कुलप्रीत सिंह से जुड़े हुए संबंधित असामाजिक तत्वो के द्वारा उप तहसील न्यायालय झलप में घुसकर कार्यरत कर्मचारियों को उनके विरूध्द गवाही नही देनें संबंधी धमकी दी जा रही है। असामाजिक तत्वों के उक्त प्रकार की कृत्यों से सभी राजस्व अधिकारी में असुरक्षा की भावना व्याप्त हो गई है।
11.02.2022 को जिला रायगढ़ अंतर्गत, तहसील कार्यालय परिसर रायगढ़ में इसी प्रकार की घटना घटित हुई थी, जिसके पश्चात् छ.ग. शासन राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के पत्र क्रमांक 4-09/2022/7-4 नवा रायपुर दिनांक 17.02.2022 एवं पत्र कमांक 496/05/2022/सात-2 नवा रायपुर दिनांक 12 जून 2023 के द्वारा सभी राजस्व न्यायालयों में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराने निर्देशित किया गया था, किन्तु उक्त आदेश का आज दिनांक तक पालन नही होने से आये दिन राजस्व न्यायालयों के किसी न किसी अधिकारी/कर्मचारियों के साथ असामाजिक तत्वों द्वारा दलालों के रूप में न्यायालय में आकर उक्त प्रकार की हिंसक घटनाएं / दंगा फसाद करते रहते है।
अतएव न्यायालयीन कार्यवाही के दौरान आरोपी कुलप्रीत सिंह द्वारा अकारण पीठासीन अधिकारी श्री युवराज साहू, नायब तहसीलदार एवं कार्यपालिक दंडाधिकारी के साथ की गई मारपीट का संघ घोर निंदा करता है तथा छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक
सेवा संघ, जिला ईकाई बिलासपुरकी ओर से सादर अनुरोध है कि आंतक मचाते हुए मारपीट करने वाले आरोपी कुलप्रीत सिंह के विरूध्द भारतीय न्याय संहिता की सभी आवश्यक धाराओं के तहत कठोर दण्डानात्मक कार्यवाही करते हुए समस्त राजस्व न्यायालयों में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था उपलब्ध कराई जावे।
उक्त मांगों पर शासन द्वारा उचित पहल नही किये जाने की स्थिति में संघ के निर्देशन में छत्तीसगढ़ राज्य प्रशासनिक सेवा संघ के समस्त अधिकारीगण उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होंगें।
