बिलासपुर, महाकाल की नगरी उज्जैन में साफ सफाई स्वच्छता अभियान का अभाव है उज्जैन स्टेशन से लेकर शहर तक सभी जगह साफ सफाई का अभाव बजबजाती नाली के कारण बदबू से श्रद्धालु परेशान होते रहते है, काल भैरव , तक अच्छी सड़क नही है, होटलों में कोई सफाई नही है शहर में जगह जगह कचरे के ढेर धूल के कारण महाकाल के भक्त परेशान होते है , रोज लाखों श्रद्धालु बाबा के दर्शन करने आते है , करोड़ों का राजस्व सरकार को मिलता है ,कुछ जगह सड़क खोदी गई है काम बेहद धीरे चल रहा है , कारीडोर और हर सिद्धि मंदिर के पास भी साफ सफाई नही है , पीएम स्वच्छता अभियान पर एमपी सरकार का खास ध्यान नहीं है , उज्जैन रेल्वे स्टेशन में भी साफ सफाई नही है लाखों रूपए का राजस्व कमाने वाला रेल्वे यहां बेसुध है , वेटिंग हाल छोटा सा हैं इसके बाथरूम में साफ सफाई नही है , स्टेशन में गंदगी , यात्रियों को इसी से गुजरना पड़ता है , उज्जैन में पीएम के स्वच्छता अभियान को लेकर न तो सरकार न प्रशासन न रेल्वे गंभीर दिखता है, आस्था के इस केन्द्र में लोगो के स्वास्थ से खिलवाड़ सारे आम है,


सुधार की जरूरत=मंदिर की ओर से कोई लंगर की व्यवस्था होनी चाहिए, दर्शन , वीआईपी दर्शन बंद होना चाहिए, वीआईपी की बजाए हर भक्त से पचास रूपये की राशिद लेकर नंदी बाबा के पास से महाकाल के दर्शन की व्यवस्था होना चाहिए, नगदी की राशिद कटनी चाहिए पुजारी जो भक्त पैसा नही देता उसको प्रसाद नही देते उस भक्त को धक्का देते है, सड़के ऐसे बने की नंगे पैर बाबा की नगरी के दर्शन हो जाए , आटो वालो की मनमानी पर लगाम लगे ट्रैफिक विभाग को इसके दर तय करने चाहिए , एक भक्त की बाबा की नगरी पीड़ा जय महाकाल ।
