बिलासपूर_वर्तमान राजनीतिक परिस्थितिe छत्तीसगढ़ में क्षेत्रीय पार्टी का भविष्य उज्वल है, बीजेपी छोटे कार्यकर्त्ता से दूर और बड़े नेताओ के दबाव में है , ऐसी स्थिति में बीजेपी कार्यकर्त्ता अंदर ही अंदर घुट रहा है , कांग्रेस ने पहली बार स्थानीय नेता को सीएम बनाया, उसका रिजल्ट भी अच्छा रहा,लेकिन राहुल गांधी कभी भीं कुछ भीं फैसला ले लेते है जिससे पार्टी का बंटाधार हो जाता है, पार्टी फिर पीछे चली जाती है, भूपेश ने विपक्ष केंखिलाफ़ जमकर मोर्चा खोला और और बीजेपी को 15सीट पर ला दिया, 15साल की भाजपा सरकार साफ हो गई, अभी भी भूपेश की छवि काम करेगी और सरकार कांग्रेस की बनेगी, भूपेश के कारण कांग्रेस मजबूत हुई है, ऐसे में राहुल गांधी ने कांग्रेस में नया प्रयोग करने की सोची तो परेशानी कांग्रेस की बढ़ेगी, खैर हम क्षेत्रिय पार्टी ने भविष्य की बात कर रहे थे, कई नेता इसकी संभावना को लेकर काम कर रहे है, मजबूत नेटवर्क के जरिए छत्तिसगढ़ के समाज के बीच इसकी चर्चा।कर रहे है, जोगी सफल भीं हुए छह सीट लाकर ताकतवर बने, अगर इसी तरह का कोई प्रयास करे कामयाबी मिल सकती है, बीजेपी में इस बार कार्यकर्त्ता पुराने नेताओ के रिपीट करने से भारी नाराज है, बड़े एक दूसरे को टिकट दिलाने भ्रमजाल बना कर केंद्रीय संगठन को बनाने में लगे है, जानता ने जिन नेताओ को नकार दिया बीजेपी ऐसे नेताओ को फिर टिकट देने वाली है, सूत्रों के मुताबिक नाराज कार्यकर्ताओ को समझाने की बजाय दिल्ली से किराए के कार्यकर्त्ता बुलाए जा रहे है कुछ आ गए हैं कुछ आ रहे है, पुराने नेता कार्यकर्त्ता की बाहरी लोगों से काम लेंगे, दरअसल छत्तिसगढ़ के भाजपा के प्रभारी ईमानदारी से काम नहीं कर रहे है, ऐसा कार्यकर्ताओ कहना है, बीजेपी प्रत्याशी थोप रहे है इससे कार्यकर्त्ता नाराज , धन कुबेरों को टिकट देने की तैयारी है, यही वजह है की अब छत्तिसगढ़ में क्षेत्रीय पार्टी के सफल होने की संभावना बढ़ गई है , दोनो राष्ट्रीय पार्टी छत्तीसगढ़ी यो को ठग रहे है,की बीजेपी में अब उसका भविष्य नही है,कोई दूसरा रास्ता चुनना पड़ेगा।

