बिलासपुर-चुनाव में संगठन की पूछ परख बढ़ी है ,प्रभारी सचिव शैलाज कुमारी ,चंदन यादव, विजय जांगिड़ ने छत्तीसगढ़ भवन में संगठन के पदाधिकारियों से बंद कमरे में मुलाकात की ,कुछ विधानसभा के पदाधिकारियों ने संगठन के काम काज पर फर्जीवाड़े का आरोप लगाया, प्रभारी सचिव के सामने संगठन की असलियत बताई की की तरह से बुथ कमेटी बनाई गई है , बंद कमरे में सत्ता और संगठन की एक दूसरे की खोलने का काम किया, सुबह 12 बजे से शुरू हुआ शैलजा का दरबार अभी भी जारी है जिलेके नेता जमे हुए है मूँगेली जिल्रे की पहली सुनवाई हुई, फिर कोटा , मस्तूरी के साथ बाकी की सुनवाई जारी है।, संगठन के पहली बार संगठन ने संगठन का वजन बढ़ाया है, शैलजा ने कहा कि 31 तारीख तक जिला कमेटी ब्लॉक कमेटी से नाम लेकर पांच या इससे कम दावेदारों का नाम से भेजेगी , फिर पीसीसी की सीईसी और स्क्रीनिंग कमेटी दवादरो के नाम तय करेगी , सिंगल नाम वाले विधानसभा का नाम जल्द जारी किया जाएगा, मंत्री ,विधायक ख़राब परफॉर्मेंस पर शैलजा ने कहा कि इसका आकलन किया जाएगा ,शैलजा ने कहा कि बीजेपी सरकार के काम काज से बौखलाई हुई है इसलिए उनको कुछ समझ नही आ रहा है उनके नेता छत्तीसगढ़ का दौरा नकर रहे है ,नेता तय नही कर पा रहे है, टिकट वितरण की हमारी व्यवस्था है हम बीजेपी के हिसाब से काम नही करेंगे ,शैलजा ने टिकट के बंटवारे के बाद संगठन के खिलाफ एयर प्रत्याशी बीके खिलाफ काम करने वालो को चेतावनी दी है साफ तौर पर कहा है की प्रत्याशी एक एक को मनाते नही रहेगा, अनुशाहीनत बर्दाश्त नही किया जाएगा ,
महन्त के आने से गरमाया माहौल।
बैठक के दौरान ही स्पीकर चरणदास महन्त भी पहुंचे अलग कमरे में।समर्थकों से चर्चा की , शैलजा , चंदन यादव विजय जांगिड़ के साथ बंद कमरे में भोजन किया इस दौरान चर्चित भी हुई किसी को इसकी जानकारी नही मिल पाई ,दूसरे खेमे के लोग पता करते रहे कि आखिर स्पीकर कैसे आ गए ,क्या बात हुई ,जबकि महन्त बिलासपुर से गुजरते वक्त रुके भोजन करके निकल गए इस दौरान सभी नेताओं ने महन्त से मुलाकात की महन्त का पुराना संभाग है तो उनके समर्थक ज्यादा है इसलिए मिलने वाले भी ज्यादा थे कुछ नए चेहरे भी महन्त के स्वागत में पहुंचे , संगठन के पदाधिकारियों की बैठक के बहाने बंद कमरे में बहुत सारे राजनीतिक खेल हो गए भारी उमस और धूप के बीच नेता उनके समर्थक डटे है , शैलजा की मीटिंग से संगठन के पदाधिकारी का सीना फूल गया है, इस बैठक में संगठन खेमा भारी नजर आया , हालांकि जिल्रे के नेताओं को बंन्द कमरे में इंट्री नही मिली, मजबूत प्यादों के माध्यम संगठन विरोधी खेमे को ठिकाने लगाने पूरा प्रयास कर रहा है, इस बार जिल्रे की सभी सीटों पर संगठन खेमे से टिकट दिए जाने का दबाव बनाने की कोशिश दिखी लेकिन, जिले संगठन खेमा हावी नजर आया, शैलजा ने भी अभी भी संगठन का मजबूत दम दिखाया है, चार साल संगठन विवाद पर शैलजा ने कहा कि थोड़ी बहुत चीजे होती है लेकिन चुनाव केवाल कांग्रेस का काम करना है,, कुमारी शैलजा ने कहा टिकट का क्राइटेरिया है ,निष्ठावान होना चाहिए, विनिंग हो और सामाजिक समीकरण नके साथ युवा और महिलाओं का भी ध्यान रखा जाएगा।

